
Uttar Pradesh News: बहुजन समाज पार्टी (BSP) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने पार्टी के संस्थापक कांशीराम के महापरिनिर्वाण दिवस पर उन्हें श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि कांशीराम ने दलितों, आदिवासियों, पिछड़ों और समाज के दूसरे कमजोर तबकों को वोट की ताकत के जरिए सत्ता में भागीदारी दिलाने का मिशन शुरू किया था। मायावती ने उत्तर प्रदेश में अपनी अगुवाई में चार बार BSP की सरकार बनने का जिक्र करते हुए कहा कि उनकी सरकारों ने सामाजिक परिवर्तन, आर्थिक मुक्ति, कानून-व्यवस्था और विकास के क्षेत्र में काम करके कांशीराम के मिशन को आगे बढ़ाया।
मायावती ने कहा कि जाति के आधार पर सदियों से दबाए गए बहुजन समाज के करोड़ों लोगों को सत्ता की मास्टर चाबी दिलाने के लिए कांशीराम ने काम किया। उनका उद्देश्य दलितों, आदिवासियों, पिछड़ों और कमजोर तबकों को शोषित से शासक वर्ग बनाना था। इसके लिए उन्होंने बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर के आत्मसम्मान और स्वाभिमान के अधूरे मिशन को आगे बढ़ाने का प्रयास किया।
मायावती ने अपने एक्स पोस्ट में कहा कि कांशीराम के मिशनरी संकल्प के परिणामस्वरूप उत्तर प्रदेश जैसे बड़े और महत्वपूर्ण राज्य में उनके नेतृत्व में BSP की चार बार सरकार बनी। उन्होंने कहा कि इन सरकारों के जरिए सामाजिक परिवर्तन और आर्थिक मुक्ति से जुड़े ऐतिहासिक काम किए गए।
BSP प्रमुख ने कहा कि बहुजन समाज में जन्मे महान संतों, गुरुओं और महापुरुषों के विचारों को जमीन पर उतारने का काम किया गया। इनमें महात्मा ज्योतिबा फुले, नारायणा गुरु, राजर्षि छत्रपति शाहूजी महाराज और बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर शामिल हैं।
मायावती के मुताबिक, इन महापुरुषों ने समता और समानता के अधिकारों के लिए अतुलनीय संघर्ष किया और महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्होंने कहा कि BSP सरकारों ने उनके विचारों को जमीन पर उतारकर संविधान की मूल भावना को पूरा करने का प्रयास किया।
मायावती ने कहा कि इन महापुरुषों से प्रेरणा लेकर उत्तर प्रदेश में सभी समाजों के हितों को ध्यान में रखते हुए काम किया गया। उनके मुताबिक, अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था के मामले में कानून के जरिए कानून का राज स्थापित किया गया। इसके साथ ही जनहित, जनकल्याण और विकास के क्षेत्रों में भी बेहतर सरकार देने का प्रयास किया गया। उन्होंने इन कार्यों को कांशीराम के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि बताया और उनके मिशन को आगे बढ़ाने के महत्व पर जोर दिया।