NEET के रिजल्ट के बाद यूपी में एमबीबीएस करने की सोच रहे छात्रों को बड़ा झटका लगा।
लखनऊ. NEET के रिजल्ट के बाद यूपी में एमबीबीएस करने की सोच रहे छात्रों को बड़ा झटका लगा। दरअसल इस सत्र में चार सरकारी और 12 निजी मेडिकल कॉलेजों की 2100 सीटों पर दाखिले की अनुमति नहीं मिली है। ये फैसला चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से लिया गया है। इससे राजकीय मेडिकल कॉलेजों की 400 और निजी मेडिकल कॉलेजों की लगभग 1700 सीटों पर इस वर्ष दाखिले नहीं लिए जाएंगे।
अभ्यर्थियों को झटका
बता दें कि मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई) ने चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्रालय को जिन कॉलेजों में सत्र 2018-19 में दाखिला नहीं लेने को कहा है, उनमें ये नाम शामिल हैं- राजकीय एलोपैथी मेडिकल कॉलेज बांदा, राजकीय मेडिकल कॉलेज एंड सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल आजमगढ़, राजकीय एलोपैथी मेडिकल कॉलेज सहारनपुर और राजकीय मेडिकल कॉलेज जालौन हैं। इन सभी में 100-100 सीटें हैं।
वहीं कई निजी संस्थान भी हैं। इन संस्थानों के नाम- एफएच मेडिकल कॉलेज फिरोजाबाद, जीएस मेडिकल कॉलेज हापुड़, केडी मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल, वेंकेंटेश्वर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज गजरौला, सरस्वती मेडिकल कॉलेज उन्नाव, ग्लोकल मेडिकल कॉलेज, सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर सहारनपुर, प्रसाद इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज लखनऊ, वरुनार्जुन मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल मथुरा, मेयो इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज बाराबंकी, इंटीग्रल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज लखनऊ और सुभार्थी मेडिकल कॉलेज मेरठ हैं। इस सत्र में ये संस्थान एमबीबीएस कोर्स में दाखिले की अनुमति नहीं दी गई हैं। इन सभी मेडिकल कॉलेज में लगभग 1,700 सीटें हैं।
सोमवार को ही आया था नीट का रिजल्ट
मेडिकल कॉलेजों में एडमिशन के लिए होने वाली प्रवेश परीक्षा CBSE NEET 2018 के नतीजे घोषित कर दिए गए। इसमें टॉप 50 में यूपी के चार छात्रों ने जगह बनाई है। इनमें शिखर बंसल 28 रैंक, प्रेरक त्रिपाठी 33 रैंक, अर्जुन सारस्वत 41 रैंक और समग्र सिंह ने 48 रैंक हासिल करके प्रदेश का मान बढाया है।बता दें कि मेडिकल की नीट 2018 की प्रवेश परीक्षा 6 मई को आयोजित की गई थी जिसमें राजधानी के भी हजारों छात्रों ने हिस्सा लिया था।