लखनऊ

एक ही पार्टी के 2 दिग्गज नेताओं की ‘तनातनी’ कहीं अखिलेश यादव को भारी ना पड़ जाए? कौन हैं BJP विधायक रितेश गुप्ता जिन्होंने जोड़ी नई कड़ी

UP Politics: जानिए कौन हैं BJP विधायक रितेश गुप्ता जिन्होंने सांसद रुचि वीरा और विधायक कमाल अख्तर की ‘तनातनी’ को लेकर फेसबुक पोस्ट के जरिए सपा पर निशाना साधा है।
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Jul 05, 2026
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UP Politics: जानिए कौन हैं BJP विधायक रितेश गुप्ता? फोटो सोर्स-पत्रिका न्यूज

MP Ruchi Veera MLA Kamal Akhtar Row: समाजवादी पार्टी की सांसद रुचि वीरा और कांठ विधायक कमाल अख्तर के बीच चल रही राजनीतिक खींचतान अब नया मोड़ लेती दिखाई दे रही है। इस विवाद में BJP के मुरादाबाद शहर विधायक रितेश गुप्ता ने भी खुलकर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा करते हुए दावा किया कि यह पूरा घटनाक्रम समाजवादी पार्टी की अंदरूनी स्थिति और संगठनात्मक कमजोरी को उजागर करता है।

रितेश गुप्ता बोले- मुरादाबाद का विवाद सपा की असल तस्वीर

अपने फेसबुक पोस्ट में BJP विधायक ने लिखा कि मुरादाबाद का यह विवाद समाजवादी पार्टी की वास्तविक स्थिति सामने लेकर आया है। उन्होंने कहा कि PDA बैठक में सांसद रुचि वीरा को शामिल न किए जाने के बाद पार्टी नेतृत्व को लखनऊ में हस्तक्षेप करना पड़ा। उनके मुताबिक नेताओं के बीच खुली बहस और बाद में मुख्य सचेतक पद से इस्तीफा सपा की मजबूरी और कमजोर संगठन का संकेत है।

रुचि वीरा ने BJP विधायक को दिया जवाब

भाजपा विधायक की टिप्पणी पर सांसद रुचि वीरा ने भी पलटवार किया। उन्होंने कहा कि BJP नेताओं को समाजवादी पार्टी (SP) के आंतरिक मामलों में दखल देने की जरूरत नहीं है। उन्होंने रितेश गुप्ता को सलाह देते हुए कहा कि वे अपनी पार्टी और अपने संगठन की स्थिति पर ध्यान दें। साथ ही सवाल किया कि क्या BJP के भीतर मतभेद और विवाद नहीं होते।

पीडीए बैठक से शुरू हुआ पूरा विवाद

बताया जा रहा है कि इस पूरे घटनाक्रम की शुरुआत समाजवादी पार्टी की प्रस्तावित PDA बैठक से हुई। आरोप लगा कि मुरादाबाद की सांसद रुचि वीरा को बैठक की जानकारी नहीं दी गई और उन्हें आमंत्रित भी नहीं किया गया। इससे नाराज होकर उन्होंने सार्वजनिक रूप से असंतोष जताया और कहा कि इस पूरे मामले की शिकायत पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से की जाएगी। उन्होंने मांग की कि पार्टी को कमजोर करने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।

सार्वजनिक मंच पर सामने आई नेताओं की नाराजगी

पीडीए बैठक विवाद के बाद सांसद रुचि वीरा और विधायक कमाल अख्तर के बीच मतभेद खुलकर सामने आ गए। सोशल मीडिया पर दोनों पक्षों के समर्थकों की प्रतिक्रियाएं, पोस्ट और वीडियो वायरल होने लगे। स्थानीय स्तर पर संगठन ने विवाद सुलझाने की कोशिश की, लेकिन मामला लगातार बढ़ता गया और अंततः पार्टी नेतृत्व तक पहुंच गया।

लखनऊ में अखिलेश यादव ने की दोनों नेताओं से बैठक

विवाद बढ़ने के बाद समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने दोनों नेताओं को लखनऊ बुलाया। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में पूरे मामले पर चर्चा हुई। बैठक के दौरान दोनों पक्षों की शिकायतें सुनी गईं और विवाद को सुलझाने का प्रयास किया गया।

बैठक के बाद कमाल अख्तर ने छोड़ा मुख्य सचेतक पद

लखनऊ बैठक के बाद कांठ विधायक कमाल अख्तर ने विधानमंडल में समाजवादी पार्टी के मुख्य सचेतक पद से इस्तीफा दे दिया। राजनीतिक गलियारों में इस फैसले को रुचि वीरा के साथ लंबे समय से चल रहे मतभेद से जोड़कर देखा गया। हालांकि कमाल अख्तर ने स्पष्ट किया कि उन्होंने यह निर्णय पार्टी नेतृत्व और अखिलेश यादव के निर्देश पर लिया है। उन्होंने कहा कि वह पार्टी के अनुशासित कार्यकर्ता हैं और नेतृत्व के हर फैसले का सम्मान करेंगे। साथ ही उन्होंने अपने इस्तीफे को व्यक्तिगत विवाद से जोड़ने से इनकार किया।

रुचि वीरा बोलीं- शिकायतों पर कार्रवाई का मिला भरोसा

बैठक के बाद सांसद रुचि वीरा ने कहा कि उन्होंने पार्टी नेतृत्व के सामने पूरे घटनाक्रम और अपनी सभी शिकायतों को विस्तार से रखा। उनके मुताबिक अखिलेश यादव ने भरोसा दिलाया है कि मामले की समीक्षा की जाएगी और यदि कोई दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ उचित कार्रवाई होगी।

रितेश गुप्ता ने अखिलेश यादव की नेतृत्व क्षमता पर भी उठाए सवाल

भाजपा विधायक रितेश गुप्ता ने अपने पोस्ट में आगे लिखा कि अखिलेश यादव का नेतृत्व इतना कमजोर हो गया है कि एक जिले की संगठनात्मक बैठक भी पूरी पार्टी को हिला देती है। उन्होंने दावा किया कि समाजवादी पार्टी जनता के सामने ऐसे संगठन की छवि पेश कर रही है, जहां हर नेता अपनी अलग दिशा में काम कर रहा है।

'चुनाव से पहले भारी पड़ सकती है अंदरूनी कलह'

रितेश गुप्ता ने अपने पोस्ट के अंत में कहा कि समाजवादी पार्टी की यह अंदरूनी फूट आगामी चुनावों में उसके लिए नुकसानदेह साबित हो सकती है। उनके अनुसार, पार्टी अब एकजुट संगठन के बजाय आपसी मतभेदों से जूझती हुई दिखाई दे रही है और यही स्थिति जनता के बीच उसकी राजनीतिक छवि को प्रभावित कर सकती है। वहीं, सियासी गलियरों में अब इस बात को लेकर चर्चा जोरों पर है कि सांसद रुचि वीरा और विधायक कमाल अख्तर की ‘तनातनी’ अखिलेश यादव को भारी पड़ सकती है और इससे पार्टी की छवि को नुकसान पहुंच सकता है।

कौन हैं बीजेपी विधायक रितेश गुप्ता?

रितेश कुमार गुप्ता उत्तर प्रदेश की मुरादाबाद नगर विधानसभा सीट से विधायक हैं। वह 2017 और 2022 के विधानसभा चुनाव में लगातार जीत दर्ज कर चुके हैं और भाजपा के प्रमुख नेताओं में गिने जाते हैं। उनके राजनीतिक सफर
की बात करें तो रिपोर्ट्स के मुताबिक, 2017 में भाजपा के टिकट पर पहली बार मुरादाबाद नगर से विधायक चुने गए। उन्होंने तत्कालीन सपा विधायक मोहम्मद यूसुफ अंसारी को हराया। 2022 के विधानसभा चुनाव में दोबारा मुरादाबाद नगर सीट से जीत हासिल कर लगातार दूसरी बार विधायक बने।