उत्तर प्रदेश के गोरखनाथ मंदिर परिसर में हुए हमले से जुड़ी पुलिस की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, आरोपी अहमद मुर्तजा अब्बासी किस तरह से शातिर है और कैसी प्लानिंग कर रहा था उसका खुलासा हो रहा है।
गोरखनाथ मंदिर में हमले का आरोप मुर्तजा की शुरुआती जांच में सामने आया है कि अहमद मुर्तजा अब्बासी सिरफिरा या सनकी नहीं शातिर किस्म का है। मुर्तजा अहमद अब्बासी ने प्रतिबंधित आतंकी संगठन आईएसआईएस के बैंक खाते में लाखों रुपये भेजे हैं। इसकी जानकारी यूपी एटीएस को हाल में की गई जांच में मालूम हुई है। फिलहाल एटीएस ने उसके परिवार के अन्य सदस्यों को भी पूछताछ के लिए बुलाया है।
गोरखपुर पर हमला एक बड़ी प्लानिंग
गोरखनाथ मंदिर पर हमले के बाद पकड़े गए मुर्तजा से अधिकारियों ने पूछताछ की थी प्राथमिक पूछताछ में उच्च अधिकारियों के द्वारा उसे एक मेडिकल रूप से परेशान और सनकी मानकर चल रहे थे, लेकिन जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है। मुर्तजा अब्बासी को लेकर बड़े खुलासे हो रहे हैं क्योंकि उसके पास से जो डॉक्यूमेंट मिले हैं और लैपटॉप को डिकोड किया गया है। उससे उसके कट्टरपंथी होने का की ओर इशारा कर रहा है। जबकि अब्बासी के लैपटॉप से जाकिर नाइक के वीडियो और बहुत सारी ऐसे नोट मिले हैं, जिसमें माना जा रहा है कि मुर्तजा ने पूरी प्लानिंग करके गोरखपुर में हमला किया था। जिसमें दो पुलिस वाले घायल हुए थे।
एटीएस की पूछताछ में खुलासा
आपको बताते चलें कि एटीएस की शुरुआती पूछताछ में उसने बताया कि मुर्तजा को लगा कि वो होमो सेक्सुअल है। जब ये बातें घरवालों को पता चलीं, तो उन्होंने इलाज कराना शुरू कराया। डॉक्टरों ने इसे हाइपोमेनिया बीमारी करार दी। 'जून 2019 में मुर्तजा की शादी जौनपुर के कटघरा निवासी लड़की से हुई। तीन महीने बाद ही उसका तलाक हो गया। तलाक भी मोबाइल फोन से दिया था। जनवरी 2020 से कंप्यूटर कोडिंग सीखने लगा। इसी समय सीरिया के लोगों के संपर्क में आया। उनसे प्रभावित होकर आठ लाख रुपये नेपाली खातों से उन्हें दे दिए। मुर्तजा को लगने लगा था कि मुस्लिमों को पूरी दुनिया परेशान कर रही है।