अमेठी की मां-बेटी के लखनऊ में आत्मदाह करने के मामले में एनएचआरसी (राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग) ने यूपी सरकार व डीजीपी को नोटिस जारी कर एक माह में जवाब मांगा है।
लखनऊ. अमेठी (Amethi) की मां-बेटी के लखनऊ में आत्मदाह (suicide attempt) करने के मामले में एनएचआरसी (NHRC) (राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग) ने यूपी सरकार (UP Government) व डीजीपी को नोटिस जारी कर एक माह में जवाब मांगा है। नोटिस में पूछा गया है कि मामले में दोषियों के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई व पीड़िता की तरफ से कथित तौर पर दर्ज कराई गई शिकायत पर क्या कार्रवाई हुई है। आयोग ने कहा कि पीड़ितों ने जो कदम उठाया उसे उचित नहीं ठहराया जा सकता, लेकिन उनकी शिकायत पर उचित कार्रवाई की गई होती तो ऐसी नौबत ही न आती। यह ''अधिकारियों के लापरवाह रवैये'' की ओर संकेत करता है।
अमेठी के एक की गांव की रहने वाली मां-बेटी ने 17 जुलाई को लखनऊ के लोकभवन के सामने आत्मदाह की कोशिश की थी। इसमें कथित तौर पर 90 प्रतिशत झुलस चुकी महिला की मौत हो गई थी, जबकि 15 प्रतिशत झुलस चुकी उसकी बेटी का अस्पताल में इलाज जारी है। एनएचआरसी ने बयान में कहा कि राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने मीडिया में आई खबरों पर स्वत: संज्ञान लिया है जिसमें बताया गया था कि अमेठी की रहने वाली मां-बेटी ने यौन उत्पीड़न की उनकी शिकायत पर अधिकारियों के कथित तौर पर र्कारवाई नहीं की और अंत में लोकभवन के सामने आत्मदाह करने की कोशिश की। इसको लेकर यूपी के मुख्य सचिव और डीजीपी को नोटिस जारी किया है। नोटिस में घायल महिला को मुहैया किये जा रहे उपचार, उसके स्वास्थ्य की स्थिति और अधिकारियों द्वारा घायल महिला एवं पीड़ित परिवार को दी गई किसी राहत के बारे में भी जवाब मांगा गया है।