नोएडा में फर्जी एनकाउंटर से यूपी पुलिस की मुश्किलें बढ़ी, एनएचआरसी ने नोटिस भेज मांगा जवाब।
लखनऊ. उत्तर प्रदेश में जारी एनकाउंटर के बीच नोएडा में जिम ट्रेनर को दरोगा द्वारा गोली मार कर फर्जी मुठभेड़ दिखाने पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने सख्त रुख अपनाया है। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने नोएडा एनकाउंटर मामले पर संज्ञान लेते हुए यूपी के मुख्य सचिव और यूपी डीजीपी को नोटिस जारी किया है। साथ ही 6 सप्ताह के अंदर जवाब देने के लिए निर्देशित किया गया है।
NHRC ने उचित कार्रवाई के लिए कहा..
एनएचआरसी ने अपनी नोटिस में नोएडा के फर्जी एनकाउंटर मामले में राज्य के मुख्य सचिव और डीजीपी को उचित कार्रवाई करने के लिए कहा है। जानकारी के मुताबिक इस नोटिस में कहा गया है कि पुलिस जनता की सुरक्षा के लिए होती है। लेकिन नोएडा की घटना लोगों में असुरक्षा का भाव और गलत संदेश पहुंचाएगी। ऐसे में भय को माहौल बना कर अपराध पर नियंत्रण पाना उचित नहीं है।
क्राइम ब्रांच को सौंपी गई जांच
नोएडा में फर्जी एनकाउंटर का शिकार हुए जिम ट्रेनर जितेंद्र यादव के मामले की जांच पहले थाना फेज 3 कर रही थी। लेकिन परिवार के स्थानीय थाना पुलिस पर भरोसा न होने पर जांच क्राइम ब्रांच को ट्रांसफर कर दी गई है।
बहन की सगाई से लौट रहा था जितेंद्र, गिरफ्तार हुआ दरोगा
जितेंद्र यादव गत शनिवार रात बहन की सगाई समारोह से वापस घर लौट रहा था। उसके साथ कुछ दोस्त भी थे। बताया जा रहा है कि सेक्टर 122 में चेकिंग के दौरान उनकी पुलिसवालों से झड़प हो गई। इसके बाद दरोगा विजयदर्शन ने जितेंद्र को गोली मार दी। उस समय दरोगा के साथ और भी पुलिस वाले मौजूद थे। इन सभी ने वारदात को एनकाउंटर बताया। हालांकि मामला खुलने पर आरोपी दरोगा विजयदर्शन को गिरफ्तार कर लिया गया। वहीं अन्य चार पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया।