- कोरोना के कहर से सहमी आजमगढ़ पुलिस, अब नहीं करेगी यह काम- बायोमैट्रिक मशीन पर लगायी रोक, अब मैनुअल हस्ताक्षर करेंगे अधिकारी कर्मचारी- कोरोना का कहर शांत होने पर फिर बहाल होगी पुरानी व्यवस्था
आजमगढ़. बड़े-बड़े गुंडे और माफियाओं के सामने सीना तानकर खड़ी होने वाली यूपी पुलिस भी कोरोना वायरस के आगे नतमस्तक हो गयी है। पुलिस पर इसके खौफ का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि विभाग ने बायोमैट्रिक हस्ताक्षर पर कुछ समय के लिए बैन लगा दिया है। विभाग को डर सता रहा है कि एक को सक्रमण हुआ तो बायोमैट्रिक उसे महामारी की तरह फैला देगी। इसलिए जब तक कोरोना का कहर खत्म नहीं होता तब तक विभाग के अधिकारी कर्मचारी मैनुअल उपस्थिति बनाएंगे।
बता दें कि जिले में फिलहाल कोरोना वायरस का कोई भी संदिग्ध नहीं पाया गया है, लेकिन प्रशासन एलर्ट मोड में है। बाहर से आये 22 यात्रियों की विशेष निगरानी की जा रही है, तो प्राइवेट अस्पताल प्रबंधनों को भी किसी भी स्थिति से निपटने के निर्देश दिए गए हैं। इसी बीच अब यह नई खबर सामने आयी है कि कोरोना ने यहां की पुलिस को सबसे अधिक भयभीत कर दिया है।
पुलिस अधीक्षक प्रो. त्रिवेणी सिंह ने अपने कार्यालय सहित विभाग में लगे सभी बायोमैट्रिक मशीनों से उपस्थिति दर्ज करने से रोक दिया है। उन्होंने सभी मशीनों पर नोटिस चस्पा करवा दी है कि कोरोना वायरस के खतरे को देखते हुए बायोमैट्रिक मशीन को कुछ दिनों के लिए बंद कर दिया गया है। इस नोटिस के बाद अब विभाग के अधिकारी कर्मचारी मैनुअल उपस्थिति रजिस्टर पर दर्ज करेंगे। यह व्यवस्था तब तक लागू रहेगी जब तक कोरोना का प्रकोप कम नहीं हो जाता है।