UP RTO: वाहन स्वामियों के लिए परिवहन विभाग एक बड़ी सौगात लेकर आया है। विभाग एक मुश्त समाधान योजना (ओटीएस) के जरिए वाहन स्वामियों को रोड टैक्स में लगने वाली सौं फीसदी पेनाल्टी की छूट देने जा रहा है। इसके लिए वाहन स्वामी को एक हजार रुपए के शुल्क के साथ आवेदन पत्र कार्यालय में जमा करना होगा।
प्रदेश में जो वाहन 1 अप्रैल 2020 तक एआरटीओ कार्यालय में पंजीकृत किए गए है। वह सभी वाहन स्वामी एक मुश्त समाधान योजना का लाभ उठा सकते है। योजना का लाभ उठाने के लए निर्धारित प्रारूप-क को पूरा करके आवेदन शुल्क एक हजार रुपए के साथ इसके जमा करना होगा। जिसके बाद आवेदन का परीक्षण कर अनुमोदन के लिए इसे आरटीओ लखनऊ के पास भेजा जाएगा। सक्षम अधिकारी से अनुमोदन प्राप्त होने के एक माह के भीतर मूल टैक्स जमा करने पर उसे सहूलियत दे दी जाएगी। जबकि निर्धारित समय सीमा पर टैक्स न जमा करने की दशा पर 50 रुपए प्रतिदिन के हिसाब से दंड शुल्क देना होगा। योजना का लाभ केवल सितंबर 2022 तक लागू है। इसके बाद जिले में टैक्स के दायरे में आने वाले ऑटो, टैक्सी, रिक्शा, टैम्पों, ट्रक, बस, मैजिक समेत सैकड़ों वाहन स्वामी इसका लाभ नहीं ले पाएंगे।
कौन कर सकता है आवेदन
1- 1 अप्रैल 2020 या उससे पूर्व पंजीकृत सभी व्यवसायिक वाहन स्वामी जिनका बकाया है कर
2- ऐसे वित्त पोषक जिन्होंने वाहन को अपने कब्जे में ले लिया हो
3- ऐसे वाहन स्वामी जिनके कर के प्रकरण किसी न्यायालय अपीलीय अधिकारी के स्तर पर लंबित न हो
4- ऐसे वाहन स्वामी जिनके कर के लिए पत्र जारी हो चुका हो
5- आवेदन पत्र के साथ रुपए एक हजार शुल्क जमा करना होगा
ऐसे पूरी करनी होगी आवेदन की प्रक्रिया
1- 1 अप्रैल 2020 या उससे पूर्व व्यवसायिक वाहनों के स्वामी को कार्यालय में आवेदन पत्र के साथ एक हजार रुपए का देना होगा शुल्क
2- एक मुश्त समाधान योजना के लिए आवेदन 27 जून से एक माह के भीतर 26 जुलाई तक देना होगा इसके बाद आवेदन स्वीकार नहीं होगा
3- सक्षम प्राधिकारी के आदेश निर्गत होने की तिथि 30 दिन के अंदर धनराशि जमा करीन होगी, जिसके बाद 50 रुपए प्रतिदिन के हिसाब से विलम्ब शुल्क देय होंगा
पेनाल्टी से मिलेगी मुक्ति
एआरटीओ प्रशासन आदित्य त्रिपाठी के अनुसार ऐसे सभी कर बकाएदारों के लिए यह योजना है। वह तत्काल इस योजना का लाभ उठाकर टैक्स में लगने वाले सौं फीसदी पेनाल्टी से मुक्त हो सकते है। समय सीमा समाप्त होने के बाद कोई छूटी नहीं मिलेगी। साथ ही 50 रुपए हर रोज अर्थदंड भी देना होगा।