
Om Prakash Rajbhar Statement उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर हमला बोला है। उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने कहा, "कांग्रेस पार्टी और समाजवादी पार्टी ने हमेशा मुसलमानों को नफरत सिखाने का काम किया। कभी इन लोगों ने भाईचारे की बात नहीं की। सिर्फ एक चीज जानते हैं कि भाजपा के खिलाफ इनको भड़काओ और इनका वोट लो। इसी में अब तक मुसलमान इस्तेमाल होता आ रहा है।
मंत्री ने कांग्रेस और सपा नेताओं के विश्वविद्यालयों में जाने और वहां हो रही बातों का समर्थन करने पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि इससे साबित होता है कि ये नेता नफरत की भाषा बोलने और नफरत का साथ देने में मदद कर रहे हैं।
ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर भी हमला बोला। उन्होंने अखिलेश यादव की एआई वीडियो वाली राजनीति पर तंज कसते हुए सपा का नाम बदलकर ‘एआई-वादी’ रखने की सलाह दी। उन्होंने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव पिछले 10 साल से सत्ता से बाहर रहने के बावजूद जनता के बीच जाने के बजाय एसी कमरों और सोशल मीडिया तक सीमित हैं। राजभर ने दावा किया कि 2027 के विधानसभा चुनाव में प्रदेश की गरीब जनता उनकी इस राजनीति का जवाब देगी।
ओम प्रकाश राजभर ने सोशल मीडिया पर पोस्ट लिखकर अखिलेश यादव को संबोधित करते हुए कहा कि ऐसा लगता है जैसे सैफई महोत्सव नहीं मना पाने का मलाल वह एआई के जरिए पूरा कर रहे हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अगर अखिलेश यादव को एआई वीडियो बनाने का इतना ही शौक है तो उन्हें अपनी पार्टी का नाम ‘समाजवादी’ से बदलकर ‘एआई-वादी’ रख लेना चाहिए।
राजभर ने अपने पोस्ट में समाजवादी पार्टी की विचारधारा और उसकी स्थापना का जिक्र करते हुए अखिलेश यादव पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जिस दल की स्थापना आपके पिता स्वर्गीय मुलायम सिंह यादव जी ने स्वर्गीय जय प्रकाश नारायण, राम मनोहर लोहिया, आचार्य नरेन्द्र देव, कर्पूरी ठाकुर, चौधरी चरण सिंह और जनेश्वर मिश्रा जी के सिद्धांतों पर की थी, उसे आपने एआई वाली 'नौटंकी' बनाके रख दिया है।
जो भी सच्चा समाजवादी है वो अब ये देखकर निराश है कि धरतीपुत्र कहे जाने वाले स्वर्गीय मुलायम सिंह यादव का ‘बबुआ’ एसी कमरे में बैठकर एआई वीडियो बनाके खुशफहमी का शिकार हुए जा रहा है। अंग्रेजी गानों पर फर्जी वीडियो बनाकर खयाली पुलाव पका रहा है।
मंत्री ने अखिलेश यादव को निशाने पर लेते हुए कहा कि राजनीति गांव, गरीब और किसान के बीच जाकर तथा मेहनत करके होती है, न कि मोबाइल स्क्रीन पर नाच-गाना करने और एआई रील बनाने से। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव चाहते तो पिछले 10 साल में प्रदेश के गांवों में जाकर लोगों से मिल सकते थे, लेकिन उन्होंने अपना समय एसी कमरों और सोशल मीडिया पर बिताया।
राजभर ने दावा किया कि अब अखिलेश यादव की जमीन खिसक रही है, इसलिए वह जनता के बीच जाने के बजाय एआई वीडियो के जरिए अपने समर्थकों का मनोरंजन कर रहे हैं।
ओम प्रकाश राजभर ने गैर यादव पिछड़ों और बहुजनों का जिक्र करते हुए कहा कि अब ये वर्ग अखिलेश यादव के झांसे में आने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा कि अति पिछड़ों और बहुजनों को ऐसा नेता नहीं चाहिए, जो खेत-खलिहान छोड़कर इंटरनेट पर मसखरी करे।
राजभर ने अपने बयान में 2027 के विधानसभा चुनाव का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की गरीब जनता अखिलेश यादव की एआई वीडियो वाली राजनीति का ऐसा बुखार उतारेगी कि साइकिल का हैंडल-पैंडिल तक ढूंढते रह जाएंगे।