
Rajbhar Targets SP Over Mining Scam: उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर कथित खनन घोटाले का मुद्दा चर्चा के केंद्र में आ गया है। प्रदेश सरकार के मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने डिप्टी मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के बयान का समर्थन करते हुए समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोला है। राजभर ने कहा कि राज्य सरकार कथित घोटालों की गंभीरता से जांच करा रही है और जब-जब जांच की प्रक्रिया तेज होती है, तब समाजवादी पार्टी में बेचैनी और घबराहट दिखाई देने लगती है।
लखनऊ में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि सरकार किसी भी प्रकार के भ्रष्टाचार और अनियमितता को लेकर गंभीर है। उन्होंने आरोप लगाया कि खनन घोटाले से जुड़े मामलों में जांच एजेंसियां लगातार काम कर रही हैं और कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ रहे हैं। उनके बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है।
ओम प्रकाश राजभर ने स्पष्ट रूप से कहा कि डिप्टी मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य द्वारा कही गई बात पूरी तरह सही है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य किसी व्यक्ति या दल को निशाना बनाना नहीं बल्कि तथ्यों के आधार पर जांच कराना है। यदि किसी मामले में अनियमितता या भ्रष्टाचार के आरोप हैं तो जांच एजेंसियों को स्वतंत्र रूप से अपना काम करने दिया जाना चाहिए। राजभर ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में कानून से ऊपर कोई नहीं होता। चाहे कोई कितना भी बड़ा नेता या प्रभावशाली व्यक्ति क्यों न हो, यदि जांच में किसी की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार इसी सिद्धांत पर काम कर रही है।
उत्तर प्रदेश में कथित खनन घोटाले का मामला पिछले कई वर्षों से राजनीतिक बहस का विषय बना हुआ है। समय-समय पर इस मामले को लेकर विभिन्न राजनीतिक दल एक-दूसरे पर आरोप लगाते रहे हैं। भाजपा और उसके सहयोगी दल लगातार यह आरोप लगाते रहे हैं कि पिछली सरकारों के दौरान खनन से जुड़े मामलों में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हुई थीं।
इसी संदर्भ में ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि जब जांच एजेंसियां अपनी कार्रवाई आगे बढ़ाती हैं तो कुछ राजनीतिक दल इसे राजनीतिक प्रतिशोध बताने लगते हैं। उनका कहना था कि यदि कोई निर्दोष है तो उसे जांच से डरने की आवश्यकता नहीं है। जांच का उद्देश्य केवल सच्चाई को सामने लाना है।
अपने बयान में राजभर ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा की जा रही जांच का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि खनन घोटाले से जुड़े मामलों में सीबीआई जांच के दौरान कई नाम सामने आए हैं। राजभर ने दावा किया कि जांच के दौरान पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के नाम भी चर्चा में आए हैं। उन्होंने कहा कि जांच एजेंसियां उपलब्ध तथ्यों और दस्तावेजों के आधार पर अपना काम करती हैं। इसलिए किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले जांच प्रक्रिया को पूरा होने देना चाहिए। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि कानून अपना काम करेगा और अंतिम निर्णय न्यायिक प्रक्रिया के तहत ही होगा।
राजभर ने अपने बयान में पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति का उल्लेख करते हुए कहा कि वे पहले से ही विभिन्न मामलों में जेल में हैं। उन्होंने कहा कि कानून अपना काम कर रहा है और जिन लोगों के खिलाफ आरोप हैं, उनके मामलों की जांच और न्यायिक प्रक्रिया जारी है। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी भ्रष्टाचार के मामले को दबाया न जाए। यदि किसी व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि जब भी जांच एजेंसियों की कार्रवाई तेज होती है, तब पार्टी के नेता बेचैन नजर आने लगते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जांच को प्रभावित करने या उसे राजनीतिक रंग देने की कोशिश की जाती है। राजभर का कहना था कि यदि किसी दल को जांच पर भरोसा है तो उसे जांच प्रक्रिया में सहयोग करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जनता भी चाहती है कि भ्रष्टाचार के मामलों में निष्पक्ष और पारदर्शी जांच हो तथा दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
डिप्टी चीफ मिनिस्टर केशव प्रसाद मौर्य के बयान पर ओम प्रकाश राजभर ने कहा- वह बिल्कुल सही कह रहे हैं। सरकार ने कथित घोटालों की पूरी जांच शुरू कर दी है और जब भी जांच में तेजी आती है। तब समाजवादी पार्टी घबरा जाती है। CBI जिस खनन घोटाले की जांच कर रही है, उसमें गायत्री प्रजापति और अखिलेश यादव का नाम सामने आया है। गायत्री प्रजापति जेल में हैं, जबकि अखिलेश यादव बाहर हैं।