लखनऊ

‘ओवैसी अपने समाज के लिए लड़ रहे, नफरत तो सपा-कांग्रेस फैलाती हैं’, लखनऊ में बोले ओम प्रकाश राजभर

Om Prakash Rajbhar Support Asaduddin Owaisi: यूपी सरकार के मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने ओवैसी का समर्थन करते हुए सपा और कांग्रेस पर मुस्लिम समाज में नफरत फैलाने का आरोप लगाया, जिससे प्रदेश की राजनीति गरमा गई।

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Jun 16, 2026
ओवैसी के बयान पर राजभर का पलटवार, बोले- सपा और कांग्रेस मुसलमानों में फैलाती हैं नफरत (फोटो सोर्स : भाषा संवाद WhatsApp News Group)
ओवैसी के बयान पर राजभर का पलटवार, बोले- सपा और कांग्रेस मुसलमानों में फैलाती हैं नफरत (फोटो सोर्स : भाषा संवाद WhatsApp News Group)

Om Prakash Rajbhar Support Asaduddin Owaisi Statement : उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी का दौर तेज हो गया है। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के हालिया बयान को लेकर प्रदेश सरकार में मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने प्रतिक्रिया दी है। राजभर ने ओवैसी का बचाव करते हुए समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर निशाना साधा तथा आरोप लगाया कि दोनों दल मुसलमानों के बीच केवल नफरत फैलाने का काम करते हैं।

राजधानी लखनऊ में मीडिया से बातचीत के दौरान ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि असदुद्दीन ओवैसी अपनी राजनीतिक पार्टी के माध्यम से अपने समाज की बेहतरी और उत्थान के लिए कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में हर राजनीतिक दल को अपने समर्थकों और समाज के हितों की बात करने का अधिकार है और ओवैसी भी उसी दिशा में काम कर रहे हैं।

ओवैसी को लेकर राजभर का समर्थन

ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि ओवैसी को लेकर कई तरह की राजनीतिक टिप्पणियां की जाती हैं, लेकिन वास्तविकता यह है कि वह अपने समुदाय के अधिकारों और विकास की बात करते हैं। उन्होंने कहा कि ओवैसी कम से कम लोगों को नफरत का पाठ नहीं पढ़ा रहे हैं। राजभर के अनुसार, समाज के पिछड़े और वंचित वर्गों की आवाज उठाना लोकतंत्र की मजबूती का संकेत है और इसे गलत नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि देश में हर राजनीतिक दल अपने-अपने वोट बैंक और समर्थक वर्ग के हितों को सामने रखकर राजनीति करता है। ऐसे में यदि कोई नेता अपने समाज के विकास और शिक्षा, रोजगार तथा राजनीतिक भागीदारी की बात करता है तो उसे सांप्रदायिक नजरिए से देखने की आवश्यकता नहीं है।

सपा और कांग्रेस पर साधा निशाना

अपने बयान के दौरान राजभर ने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि दोनों दल वर्षों से मुस्लिम समाज को केवल वोट बैंक की तरह इस्तेमाल करते रहे हैं। राजभर ने कहा कि चुनाव के समय बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं, लेकिन चुनाव समाप्त होते ही उन वादों को भुला दिया जाता है।

उन्होंने कहा कि सपा और कांग्रेस ने मुसलमानों के विकास के लिए कोई ठोस कार्य नहीं किया। इसके बजाय दोनों दलों ने समाज में भय और नफरत का माहौल पैदा करने का प्रयास किया। राजभर के अनुसार, इन दलों की राजनीति केवल लोगों को भावनात्मक मुद्दों में उलझाकर वोट हासिल करने तक सीमित रही है।

उत्तर प्रदेश की राजनीति में नए समीकरण

राजभर का यह बयान ऐसे समय आया है जब उत्तर प्रदेश में राजनीतिक दल आगामी चुनावी रणनीतियों को लेकर सक्रिय हो चुके हैं। प्रदेश की राजनीति में पिछड़े वर्ग, दलित और मुस्लिम वोट बैंक को लेकर लगातार राजनीतिक गतिविधियां तेज हो रही हैं। ऐसे में विभिन्न दलों के नेताओं के बीच बयानबाजी का दौर भी लगातार जारी है। वरिष्ठ राजनीतिक विश्लेषकों राघवेंद्र और मनोज उपाध्याय  का मानना है कि मुस्लिम वोट बैंक को लेकर विपक्षी दलों और क्षेत्रीय दलों के बीच प्रतिस्पर्धा लगातार बढ़ रही है। इसी कारण नेताओं के बयान भी अधिक आक्रामक होते जा रहे हैं। ओम प्रकाश राजभर का यह बयान भी इसी राजनीतिक परिप्रेक्ष्य में देखा जा रहा है।

गठबंधन राजनीति का प्रभाव

उत्तर प्रदेश में गठबंधन की राजनीति लंबे समय से महत्वपूर्ण भूमिका निभाती रही है। विभिन्न सामाजिक समूहों को साथ लेकर चुनावी सफलता हासिल करने की रणनीति लगभग सभी दल अपनाते रहे हैं। राजभर स्वयं भी प्रदेश की राजनीति में पिछड़े वर्गों की आवाज के रूप में अपनी पहचान रखते हैं। जानकारों  का कहना है कि राजभर का बयान एक ओर जहां अपने समर्थक वर्ग को संदेश देने का प्रयास है, वहीं दूसरी ओर यह विपक्षी दलों पर राजनीतिक दबाव बनाने की रणनीति का हिस्सा भी माना जा सकता है। भाजपा के सहयोगी दल के रूप में राजभर अक्सर विपक्षी दलों की नीतियों और कार्यशैली पर सवाल उठाते रहे हैं।

बयानों से गरमाया सियासी माहौल

राजनीतिक गलियारों में राजभर के बयान की चर्चा तेज हो गई है। विपक्षी दलों के नेताओं की ओर से भी इस पर प्रतिक्रियाएं सामने आने की संभावना जताई जा रही है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आगामी दिनों में इस मुद्दे पर और अधिक बयानबाजी देखने को मिल सकती है। प्रदेश की राजनीति में धर्म, जाति और सामाजिक समीकरण हमेशा महत्वपूर्ण विषय रहे हैं। ऐसे में किसी भी बड़े नेता का बयान तुरंत राजनीतिक बहस का विषय बन जाता है। राजभर के इस बयान ने भी सियासी माहौल को गर्मा दिया है और विभिन्न दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।

चुनावी माहौल में बढ़ेगी राजनीतिक सक्रियता

आगामी चुनावों को देखते हुए राजनीतिक दल अपने-अपने सामाजिक आधार को मजबूत करने में जुटे हुए हैं। ऐसे समय में नेताओं के बयान केवल राजनीतिक प्रतिक्रिया नहीं बल्कि चुनावी रणनीति का हिस्सा भी माने जाते हैं। ओम प्रकाश राजभर के ताजा बयान को भी इसी नजरिए से देखा जा रहा है। फिलहाल, असदुद्दीन ओवैसी को लेकर दिया गया उनका बयान राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है। आने वाले दिनों में विपक्षी दलों की प्रतिक्रिया और इस मुद्दे पर होने वाली राजनीतिक बहस प्रदेश की राजनीति को और अधिक गर्मा सकती है।

ओम प्रकाश राजभर ने कहा...

असदुद्दीन ओवैसी के बयान पर उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने कहा, "उनकी पार्टी है। अपने समाज की बेहतरी के लिए, अपने समाज के उत्थान के लिए काम कर रहे हैं। कम से कम नफरत नहीं सीखा रहे। सपा और कांग्रेस मुसलमानों में सिर्फ नफरत फैलाते हैं।

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