लखनऊ

‘रोज बदल रही PDA की परिभाषा!’ अखिलेश यादव पर ओम प्रकाश राजभर का तीखा तंज

Akhilesh Yadav: उत्तर प्रदेश में ब्राह्मण राजनीति को लेकर सियासत तेज हो गई है। अखिलेश यादव के बयान के बाद ओमप्रकाश राजभर ने पलटवार करते हुए PDA फॉर्मूले की बदलती परिभाषा को लेकर अखिलेश यादव पर निशाना साधा।
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Aug 06, 2026
Omprakash Rajbhar Akhilesh Yadav
अखिलेश यादव और ओमप्रकाश राजभर

Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव रोज PDA की नई परिभाषा बता रहे हैं, जिससे साफ है कि वह किसी एक मुद्दे पर टिक नहीं पा रहे हैं। राजभर ने सपा सरकार के कार्यकाल पर भी सवाल उठाए और आरोप लगाया कि उस समय परीक्षा व्यवस्था में भारी गड़बड़ियां थीं, नौकरियां पैसे के दम पर मिलती थीं।

राजभर बोले- रोज बदल रही PDA की परिभाषा

अखिलेश यादव के PDA अभियान पर टिप्पणी करते हुए ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि अब पीडीए के जरिए सार्वजनिक जीवन में बदलाव लाने की कोशिश का अंत हो गया है। जब से हमने उनके पीडीए का पूरा अर्थ उजागर करना शुरू किया है कि इसका मतलब अहीर पीटेंगे और अल्पसंख्यक तुम्हें पीटेंगे है। उन्होंने कहा कि वे कभी पीडीए का मतलब पंडित बताते हैं, तो कभी वे 'ए' का मतलब पिछड़ी जातियां। अब जब 'पीडी' पंडित बन गया है, तो वे ठाकुर, भूमिहार भी कहने लगे हैं, इसमें ये भी शामिल हैं। पिछड़ी जातियों और दलितों की बात करें, तो मान लीजिए कि उनकी नजर में वे सब बेकार हैं। इसलिए हर दिन परिभाषाओं को इस तरह बदलना इस बात का सबूत है कि वे किसी एक मुद्दे पर टिक नहीं सकते। हर दिन वे एक नया मुद्दा लेकर आते हैं।

शंकराचार्य को पिटवाने का आरोप

राजभर ने कहा कि उन्होंने अखिलेश यादव का हालिया भाषण सुना, जिसमें वह शंकराचार्य का जिक्र कर रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा सरकार के समय बनारस में शंकराचार्य को पिटवाया गया था, लेकिन आज उस घटना का जिक्र नहीं किया जाता। उन्होंने कहा कि आज अगर शंकराचार्य उनके पक्ष में बोल रहे हैं तो उनकी तारीफ की जा रही है, लेकिन यह नहीं बताया जा रहा कि सपा सरकार के दौरान उनके साथ क्या हुआ था।

घर ले जाकर लिखा जाता था परीक्षा पेपर - राजभर

ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि सपा सरकार के दौरान परीक्षा व्यवस्था पूरी तरह सवालों के घेरे में थी। उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय छात्र खेतों और घरों में बैठकर परीक्षा देते थे। उन्होंने यह भी कहा कि नौकरियां पैसे के दम पर दी जाती थीं और भर्ती प्रक्रिया निष्पक्ष नहीं थी।

ब्राह्मण वोट बैंक पर सपा की नजर

वहीं, अब तक पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक यानी PDA की राजनीति पर जोर देने वाली समाजवादी पार्टी अब ब्राह्मण समाज पर भी फोकस करती नजर आ रही है। जनेश्वर मिश्र की जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने विकास दुबे का जिक्र करते हुए ब्राह्मण समाज को साधने की कोशिश की। इसके बाद राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा तेज हो गई कि सपा अब उन सीटों पर अपनी पकड़ मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रही है, जहां ब्राह्मण मतदाताओं का प्रभाव अधिक माना जाता है।




Updated on:
06 Aug 2026 03:35 pm
Published on:
06 Aug 2026 03:35 pm