सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी और समाजवादी पार्टी के बीच विधानसभा चुनाव से ठीक पहले बना हुआ गठबंधन अब अपने अंतिम दौर में है। जिसमें सबसे प्रमुख इस समय राष्ट्रपति चुनाव में वोटिंग को लेकर दोनों पार्टी प्रमुखों में ठनी हुई है। जहां ओपी राजभर अखिलेश यादव पर अनदेखी करने और मीटिंग में नहीं बुलाने का आरोप लगा रहे हैं वहीं अखिलेश यादव सब कुछ ठीक होने का दावा कर रहे हैं। इस बीच 13 जुलाई गुरु पूर्णिमा के दिन ओमप्रकाश राजभर सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव से मिलने उनके आवास पर पहुंचे। इससे पहले उन्होने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि, अखिलेश यादव और हमारे बीच गठबंधन का फैसला सपा की ओर से ही क्लियर होना है, हमें कोई दिक्कत नहीं है।
समाजवादी पार्टी संरक्षक मुलायम सिंह यादव से मिलकर आशीर्वाद लेने और उनकी पत्नी साधना गुप्ता पर शोक संवेदना प्रकट करने के लिए ओपी राजभर उनके आवास पहुंचे। इस दौरान मुलायम सिंह यादव से मुलाक़ात से पहले ओपी राजभर ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि, हमारे बीच और अखिलेश यादव के बीच गठबंधन को लेकर फैसला अब सपा के हाथ हैं। हमें कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन अखिलेश यादव तानाशाही रवैया अपना रहे हैं। जिससे उन्हीं को नुकसान हो रहा है। ऐसे में राष्ट्रपति चुनाव पर भी हमें फैसला लेने का अधिकार है लेकिन हम अखिलेश यादव का इंतज़ार कर रहे हैं उनसे मुलाक़ात का समय मांगा गया था। वहीं सूत्रो के अनुसार ओपी राजभर नई दिल्ली में जाकर कुछ बड़े नेताओ से मुलाक़ात कर सकते हैं। हालांकि इस पर अभी संशय बना हुआ है कि वो भाजपा में कौन से बड़े नेताओं से मिलेंगे। उनके दिल्ली जाने की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं की जा सकी है।
मुलायम सिंह यादव की पत्नी की साधना गुप्ता का हुआ था देहांत
सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव की पत्नी साधना गुप्ता का निधन 9 जुलाई को मेदान्ता हॉस्पिटल में हुआ था, जिसके बाद आज ओपी राजभर अब उनके आवास पहुंचकर अपनी शोक संवेदना प्रकट कर रहे हैं। ओपी राजभर ने मुलायम सिंह यादव से बातचीत भी की। वहीं अब तक की हुई बातचीत में ओपी राजभर अखिलेश यादव से भले ही नाराज बताए जा रहे हैं। लेकिन राजनीति से इतर वह मुलायम सिंह के दुख में शरीक होने पहुंचे।
अखिलेश यादव और ओपी राजभर में कब से बढ़ी दूरियाँ
बीते हुए एमएलसी चुनाव के बाद से ही अखिलेश और राजभर के रिश्ते में दरार आनी शुरू हो गई थीं। रामपुर और आजमगढ़ लोकसभा उपचुनाव में मिली हार के बाद ओपी राजभर ने अखिलेश यादव पर काफी आरोप लगाए थे। जिसके बाद अखिलेश ने भी पलटवार करते हुए कहा उन्हें किसी की नसीहत की जरूरत नहीं अब राजभर नये रास्ते की तलाश में हैं।