
OP Rajbhar on Akhilesh:उत्तर प्रदेश की सियासत में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। कैबिनेट मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी प्रमुख ओम प्रकाश राजभर ने एक साथ कई मुद्दों पर समाजवादी पार्टी और उसके अध्यक्ष अखिलेश यादव पर निशाना साधा। सरकारी नौकरियों, वक्फ संपत्ति, कानून-व्यवस्था और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर हुए ‘आशीर्वाद का दीया’ अभियान को लेकर राजभर ने विपक्ष पर सवाल उठाए। उनके कई आरोप राजनीतिक दावों के तौर पर सामने आए हैं।
सरकारी नौकरियों के मुद्दे पर राजभर ने अखिलेश यादव के दावों पर पलटवार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा सरकार के दौरान सरकारी नौकरी के विज्ञापन जारी होने के बाद कथित तौर पर पैसों की बोली लगती थी। राजभर ने दावा किया कि पांच, दस और 15 लाख रुपये तक की बात होती थी। राजभर ने आरोप लगाया कि सूची तैयार करने में तत्कालीन मंत्री शिवपाल यादव की भूमिका होती थी और बाद में अखिलेश यादव उस पर हस्ताक्षर करते थे। हालांकि, ये राजभर के आरोप हैं और उन्होंने इसके समर्थन में इस बयान में कोई दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया। राजभर ने अपनी सरकार के कार्यकाल का जिक्र करते हुए दावा किया कि योगी सरकार में अब तक 9.5 लाख से ज्यादा सरकारी नौकरियां दी जा चुकी हैं।
राजभर ने वक्फ संपत्तियों को लेकर भी विपक्ष पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि संपत्तियों का रिकॉर्ड ‘उम्मीद’ पोर्टल पर दर्ज होने की व्यवस्था से अब इन संपत्तियों की जानकारी सामने आएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकारों के दौरान वक्फ की कई संपत्तियों का कथित तौर पर गलत इस्तेमाल हुआ। राजभर का दावा था कि कहीं होटल तो कहीं मॉल बनाए गए और कुछ संपत्तियों को बेच दिया गया। उन्होंने कहा कि रिकॉर्ड दर्ज होने की व्यवस्था से ऐसे लोगों की परेशानी बढ़ी है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत ‘आशीर्वाद का दीया’ जलाए जाने को लेकर भी राजभर ने विपक्ष पर निशाना साधा। सोशल मीडिया पोस्ट में उन्होंने कहा कि एक-दो दिन इंतजार कीजिए, इसके बाद हंगामा शुरू होगा। राजभर ने दावा किया कि विपक्ष की ओर से यह कहा जाएगा कि ‘तेल जल गया’ और ‘त्राहि-त्राहि हो गई’। उन्होंने इसे लेकर ‘टूलकिट तैयार’ होने की बात भी कही।
महिला और साइबर अपराध को लेकर अखिलेश यादव की ओर से उठाए गए सवालों पर राजभर ने सपा सरकार के कार्यकाल का जिक्र किया। उन्होंने मुजफ्फरनगर दंगों, कर्फ्यू और अपराध को लेकर तत्कालीन सरकार पर आरोप लगाए। राजभर ने दावा किया कि सपा सरकार के समय प्रदेश में बड़ी संख्या में दंगे और गैंगवार होते थे। इसके विपरीत उन्होंने मौजूदा योगी सरकार को कानून-व्यवस्था के मामले में बेहतर बताते हुए कहा कि अपराध करने वालों पर कार्रवाई की जा रही है।
अखिलेश यादव के मंदिर बनवाने संबंधी बयान पर राजभर ने सवाल उठाते हुए कहा कि मंदिर बनवाने की बात करने वाले नेता दूसरी ओर मौलाना के साथ नमाज पढ़ने भी जाते हैं। उन्होंने इसी संदर्भ में सवाल किया कि मंदिर में पूजा और नमाज दोनों साथ कैसे होंगे।