
Fish Feast Controversy: उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने मंगलवार को लखनऊ में एक प्रेस-कॉन्फ्रेंस कर समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव और कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय पर जमकर निशाना साधा। राजभर ने अखिलेश यादव के हालिया बयानों पर पलटवार करते हुए कहा कि विरासत में सत्ता तो मिल सकती है लेकिन बुद्धि नहीं मिल सकती।
अयोध्या में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय के कार्यक्रम में मछली भोज विवाद पर भी ओमप्रकाश राजभर ने कांग्रेस को आड़े हाथों लिया। उन्होंने इसे सीधे तौर पर सनातन धर्म का अपमान करार दिया। राजभर ने कहा कि सावन के पवित्र महीने में सनातन परंपरा को मानने वाले लोग कभी मछली नहीं खाते हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि भले ही अजय राय अब यह सफाई देते रहें कि उन्होंने मछली नहीं खाई लेकिन यह तो सच है कि वहां सावन के महीने में मछली पकाई गई थी।
प्रेस-कॉन्फ्रेंस के दौरान जब पत्रकारों ने खुद राजभर से मछली खाने को लेकर सवाल पूछा तो वे मुस्कुरा दिए। उन्होंने कहा कि अगर मिल जाती है तो खा लेता हूं और नहीं मिलती तो नहीं खाता। इसी बीच एक पत्रकार ने उन्हें याद दिलाया कि पश्चिम बंगाल चुनाव के दौरान उन्होंने भाजपा का भगवा गमछा पहनकर मछली खाई थी। इस पर राजभर ने तुरंत अपना बचाव करते हुए सफाई दी कि उन्होंने वह मछली सावन के महीने में बिल्कुल नहीं खाई थी। वहीं आगामी विधानसभा उपचुनावों में भारतीय जनता पार्टी के साथ सीट बंटवारे के सवाल पर कैबिनेट मंत्री ने स्पष्ट किया कि सीटों को लेकर गठबंधन में कोई झगड़ा नहीं है और लोग उनके साथ मजबूती से खड़े हैं।
रालोद अध्यक्ष जयंत चौधरी पर अखिलेश यादव द्वारा की गई टिप्पणी का जवाब देते हुए राजभर ने कहा कि अखिलेश यादव को जाट समाज का वोट नहीं चाहिए। वे अपना मानसिक संतुलन पूरी तरह से खो बैठे हैं। राजभर ने सलाह देते हुए कहा कि अखिलेश को अभी और पढ़ाई करने की जरूरत है। उन्होंने याद दिलाया कि जिस महान नेता चौधरी चरण सिंह ने मुलायम सिंह यादव को राजनीति में बड़ा नेता बनाया आज अखिलेश उन्हीं की पार्टी को चवन्नी बनाने की बात कहकर उनका अपमान कर रहे हैं। गौरतलब है कि 17 अगस्त को अखिलेश यादव ने जयंत चौधरी का बिना नाम लिए तंज कसा था कि उन्होंने ऐसे लोगों से गठबंधन किया जिन्हें चवन्नी से रुपया बना दिया लेकिन फिर भी वे साथ छोड़कर चले गए।