यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने सड़क हादसों को लेकर कयड़ा रुख अपनाया है। यमुना एक्सप्रेस-वे हादसे के 4 दिन बाद सड़क सुरक्षा को लेकर हुई बैठक में विभागीय अधिकारियों से उन्होंने नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि ऐसे हादसे सिर्फ चालकों के मत्थे मढ़कर अधिकारी अपनी जिम्मेदारी से नहीं बच सकते।

यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में हो रही सड़क दुर्घटनाओं पर शुक्रवार को अधिकारियों के साथ एक अहम बैठक की है। बैठक में सीएम योगी ने कहा कि अधिकतर सड़क हादसे ओवरस्पीड के कारण होते हैं। सीएम योगी ने एक्सप्रेस-वे और हाई-वे पर हो रही दुर्घटनाओं को देखते हुए अधिकारियों को इन्हें रोकने के लिए जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। दरअसल पिछले एक सप्ताह के अंदर यमुना एक्सप्रेस-वे पर दो भीषण सड़क हादसे हुए थे जिसमें 12 लोगों की मौत हो गई थी। बैठक में सीएम योगी ने बताया कि ओवरस्पीड से 38.4 फीसदी दुर्घटनाएं, वाहन चलाते समय मोबाइल के इस्तेमाल से, 9.2 प्रतिशत दुर्घटनाएं और नशा के कारण 6.6 फीसदी दुर्घटनाएं होती हैं।
सीएम ने सड़क सुरक्षा पर समीक्षा की
सीएम योगी गुरुवार को सड़क सुरक्षा पर एक समीक्षा बैठक की। बैठक में मौजूद अधिकारियों से उन्होंने कहा कि हाई-वे और एक्सप्रेस-वे पर ओवरस्पीड के कारण अक्सर दुर्घटनाएं होती हैं। ऐसे में ब्लैक स्पॉट में सुधार हो और तुरंत मेडिकल सहायता पहुंचाई जाए।
एम्बुलेंस के रिस्पॉन्स टाइम कम हो
इसके अलावा सीसीटीवी की व्यवस्था को एकदम दुरुस्त किया जाए। सीएम योगी ने संबंधित अथॉरिटी को इन मामलों को गंभीरता से लेते हुए उन पर काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि यह निर्धारित किया जाए कि हाइ-वे पर ट्रकों की कतारें न लगें। इसके साथ ही एम्बुलेंस के रिस्पॉन्स टाइम को और कम किया जाए।
सीएम योगी खुद करेंगे बात
सीएम योगी ने इसके साथ ही अधिकारियों को ये भी निर्देश दिए कि वह सड़क सुरक्षा पर छह दिनों के अंदर एक्शन प्लान बनाएं। अभियान की शुरुआत से पहले सीएम योगी खुद राज्य के 734 शहरी निकाय के सदस्यों से बात करेंगे। इस अभियान के पहले चरण में लोगों को जागरूक किया जाएगा।
ट्रैफिक नियमों का सख्ती से कराया जाएं
दूसरे चरण में ट्रैफिक नियमों का पालन कराया जाएगा और जो पालन नहीं करेंगे उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सीएम योगी ने सड़क हादसों को लेकर कि दुर्घटना में सबसे अधिक मामले दोपहिया वाहन से जुड़े होते हैं। उन्होंने बताया कि आंकड़ों के अनुसार सड़क दुर्घटना की सबसे अधिक मामले दो पहिया वाहन चालकों, करीब 34.4 प्रतिशत से जुड़े होते हैं। ओवरस्पीड से 38.4 फीसदी दुर्घटनाएं, वाहन चलाते समय मोबाइल के इस्तेमाल से, 9.2 प्रतिशत दुर्घटनाएं और नशा के कारण 6.6 फीसदी दुर्घटनाएं होती हैं।