लखनऊ

योगी सरकार का ‘सर्जरी प्लान’ तय! मंत्रियों के बदले जाएंगे विभाग, मौर्य का बढ़ेगा कद, कयासबाजी तेज

उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव 2027 से पहले योगी सरकार में बड़े फेरबदल की चर्चा तेज हो गई है। सूत्रों के मुताबिक उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य को PWD समेत महत्वपूर्ण विभाग दिए जा सकते हैं।
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May 16, 2026
योगी कैबिनेट में बड़ा फेरबदल तय
योगी कैबिनेट में बड़ा फेरबदल तय Source- X

UP Politics: सत्ता के गलियारों में आजकल देश के सबसे बड़े सूबे को लेकर एक चर्चा बहुत हो रही है। बताया जा रहा है कि योगी सरकार में रसूखदार मंत्री का कद बढ़ने वाला है। उन्हें नई और महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। अगले साल होने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए बीजेपी आलाकमान का पूरा फोकस अब यूपी पर है। योगी सरकार को किस तरह जनता के ज्यादा करीब दिखाया जाए, इसे लेकर मंथन हो रहा है। इसी के तहत कई मौजूदा मंत्रियों के विभागों में फेरबदल हो सकता है। ऐसे में कुछ मंत्री ज्यादा ताकतवर रूप में सामने आ सकते हैं, जबकि कुछ की ताकत घटाई जा सकती है।

मौर्य को मिल सकते हैं नए विभाग

सूत्रों का कहना है कि योगी सरकार में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य का कद बढ़ना लगभग तय है। उन्हें कुछ दूसरे महत्वपूर्ण विभाग सौंपने पर चर्चा चल रही है। फिलहाल मौर्य ग्रामीण विकास, ग्रामीण इंजीनियरिंग, खाद्य प्रसंस्करण, मनोरंजन कर और सार्वजनिक उद्यम जैसे विभाग हैं। इसी तरह, कुछ ऐसे मंत्रियों के विभागों में कटौती पर भी विचार हो रहा है जो अभी कई बड़े और महत्वपूर्ण विभाग संभाल रहे हैं।

किसके पास जाएगा PWD?

योगी आदित्यनाथ के पहले मंत्रिमंडल (2017-2022) में केशव प्रसाद मौर्य के पास लोक निर्माण विभाग (PWD) था। दूसरे कार्यकाल में, PWD मुख्यमंत्री ने अपने पास रख लिया। सीएम के पास फिलहाल 35 से ज़्यादा विभाग हैं, जिनमें गृह, कार्मिक, सतर्कता, आवास और शहरी नियोजन, राजस्व, सूचना और नागरिक उड्डयन जैसे विभाग शामिल हैं। पार्टी सूत्रों के अनुसार, PWD जैसे अहम मंत्रालय की जिम्मेदारी अब मौर्य को दी जा सकती है। यदि इस पर सहमति नहीं बनती, तो भूपेंद्र चौधरी को पीडबल्यूडी चलाने का मौका मिल सकता है। चौधरी पहले यूपी BJP अध्यक्ष थे और उन्होंने अभी हाल ही में 10 मई को छह अन्य मंत्रियों के साथ शपथ ली है।

इन विभागों में भी बदलाव संभव

पीडबल्यूडी के साथ-साथ बिजली मंत्रालय (जो अभी अरविंद कुमार शर्मा के पास है); पंचायती राज मंत्रालय (जो अभी गठबंधन के साथी और SBSP प्रमुख ओम प्रकाश राजभर के पास है) और जल शक्ति मंत्रालय (जो अभी स्वतंत्र देव सिंह के पास है) के नेतृत्व में भी बदलाव संभव है। बीजेपी नेताओं का कहना है कि चुनाव नजदीक हैं, ऐसे में महत्वपूर्ण मंत्रालयों को लेकर गहन मंथन चल रहा है। जिसे भी जनता से सीधे जुड़ाव वाले विभाग मिलेंगे, वह चुनाव से पहले सरकार के प्रमुख चेहरों में से एक बन जाएगा।

योगी कैबिनेट में अभी इतने मंत्री

सड़क, बिजली, पानी की सप्लाई और ग्रामीण शासन से सीधे जुड़े मंत्रालयों को राजनीतिक रूप से बहुत महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि ज़मीनी स्तर पर उनकी मौजूदगी साफ दिखाई देती है। हाल के विस्तार के बाद, आदित्यनाथ सरकार में मंत्रियों की संख्या बढ़कर 60 हो गई है। इनमें 23 कैबिनेट मंत्री, 16 राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और 21 राज्य मंत्री शामिल हैं। बता दें कि सीएम योगी आदित्यनाथ हाल ही में दिल्ली में बीजेपी के कई वरिष्ठ नेताओं से मिले। इसमें गृहमंत्री अमित शाह और पार्टी अध्यक्ष नितिन नबीन से भी शामिल थे। बताया जा रहा है कि इन मुलाकातों का मकसद नए मंत्रियों को विभागों के बंटवारे के साथ ही मौजूदा मंत्रियों के विभागों में फेरबदल पर चर्चा थी।

Updated on:
16 May 2026 11:42 am
Published on:
16 May 2026 11:42 am
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