Mayawati’ Press Conference After Short Circuit, : लखनऊ में बसपा प्रमुख मायावती की प्रेस कांफ्रेंस उस समय अफरातफरी में बदल गई, जब समापन से ठीक पहले शॉर्ट सर्किट हो गया। प्रेस हाल में अचानक धुआं फैल गया, लेकिन सुरक्षाकर्मियों की तत्परता और अग्नि सुरक्षा उपकरणों के तत्काल इस्तेमाल से बड़ा हादसा टल गया।
Mayawati Press Conference: बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती की प्रेस कांफ्रेंस उस समय अचानक अफरातफरी में बदल गई, जब कार्यक्रम समाप्त होने के ठीक पहले प्रेस हाल में शॉर्ट सर्किट हो गया। देखते ही देखते हाल के एक हिस्से में धुआं फैल गया, जिससे कुछ देर के लिए घबराहट का माहौल बन गया। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की तत्परता और अग्नि सुरक्षा उपकरणों के तत्काल उपयोग से स्थिति पर जल्दी काबू पा लिया गया और एक बड़ा हादसा टल गया।
यह घटना राजधानी लखनऊ में आयोजित प्रेसवार्ता के अंतिम चरण में हुई। मायावती पत्रकारों को संबोधित कर चुकी थीं और प्रेस कांफ्रेंस के औपचारिक समापन की प्रक्रिया चल रही थी। इसी दौरान अचानक बिजली के तारों में शॉर्ट सर्किट हुआ, जिससे मंच के पास धुआं उठने लगा। कुछ ही क्षणों में प्रेस हाल में धुआं-धुआं सा वातावरण बन गया।
प्रेस कांफ्रेंस के दौरान माहौल पूरी तरह सामान्य था, लेकिन शॉर्ट सर्किट होते ही स्थिति तेजी से बदल गई। धुआं फैलते ही कई पत्रकार अपनी सीटों से उठ खड़े हुए। कुछ लोग बाहर निकलने की कोशिश करने लगे, तो कुछ ने मोबाइल कैमरे से स्थिति को रिकॉर्ड करना शुरू कर दिया। हाल के भीतर कुछ सेकंड के लिए अफरातफरी जैसी स्थिति बन गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शॉर्ट सर्किट के समय बिजली की तेज चिंगारी भी दिखाई दी, जिससे लोगों में घबराहट बढ़ गई। हालांकि आग की लपटें नहीं उठीं, लेकिन धुएं की मात्रा इतनी अधिक थी कि दृश्यता कम हो गई और सांस लेने में भी दिक्कत महसूस होने लगी।
घटना के तुरंत बाद मौके पर तैनात सुरक्षाकर्मियों ने पूरी मुस्तैदी के साथ स्थिति को संभाला। सबसे पहले मायावती को सुरक्षा घेरे में लिया गया। सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें चारों ओर से घेरते हुए प्रेस हाल से सुरक्षित बाहर निकालने की प्रक्रिया शुरू की। कुछ ही मिनटों में पूर्व मुख्यमंत्री को सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया गया। इस दौरान सुरक्षा टीम ने यह भी सुनिश्चित किया कि कोई अनधिकृत व्यक्ति उनके पास न पहुंचे और भीड़ अनियंत्रित न हो। प्रेस हाल में मौजूद अन्य लोगों को भी शांति बनाए रखने और धीरे-धीरे बाहर निकलने के निर्देश दिए गए।
शॉर्ट सर्किट की जानकारी मिलते ही अग्नि सुरक्षा उपकरणों का तत्काल उपयोग किया गया। मौके पर मौजूद फायर एक्सटिंग्विशर से उस स्थान पर कार्रवाई की गई, जहां से धुआं निकल रहा था। साथ ही तकनीकी टीम ने बिजली आपूर्ति को तुरंत बंद कर दिया, जिससे आग फैलने की आशंका समाप्त हो गई। फायर सेफ्टी से जुड़े कर्मचारियों की तत्परता के कारण स्थिति कुछ ही समय में पूरी तरह नियंत्रण में आ गई। राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी के घायल होने या जान-माल के नुकसान की कोई सूचना नहीं है।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, प्रेस कांफ्रेंस के लिए लगाए गए अस्थायी विद्युत कनेक्शन में तकनीकी खराबी के कारण शॉर्ट सर्किट हुआ। कार्यक्रम स्थल पर लाइटिंग, साउंड सिस्टम और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के लिए अतिरिक्त तार लगाए गए थे, जिनमें ओवरलोड या तकनीकी दोष की आशंका जताई जा रही है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि आयोजन स्थल पर सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की गई थीं, लेकिन अचानक आई तकनीकी खराबी के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई। फिलहाल तकनीकी टीम पूरे सिस्टम की जांच कर रही है।
इस घटना के बाद मायावती की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की सतर्कता और त्वरित प्रतिक्रिया ने यह स्पष्ट कर दिया कि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सुरक्षा टीम पूरी तरह तैयार थी। पार्टी नेताओं ने सुरक्षाकर्मियों और कर्मचारियों की तत्परता की सराहना की है। बसपा के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की जाती, तो हालात गंभीर हो सकते थे। उन्होंने इसे एक चेतावनी बताते हुए कहा कि भविष्य में ऐसे आयोजनों में तकनीकी और अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ किया जाएगा।
घटना की सूचना स्थानीय प्रशासन और अग्निशमन विभाग को दे दी गई है। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, एहतियातन आयोजन स्थल की विद्युत व्यवस्था और सुरक्षा मानकों की जांच कराई जाएगी। यह भी देखा जाएगा कि कहीं किसी स्तर पर लापरवाही तो नहीं हुई। विशेषज्ञों का कहना है कि बड़े सार्वजनिक और राजनीतिक कार्यक्रमों में अस्थायी विद्युत व्यवस्था सबसे कमजोर कड़ी होती है। थोड़ी सी चूक भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। ऐसे में नियमित निरीक्षण और प्रशिक्षित स्टाफ की मौजूदगी अनिवार्य है।
प्रेस कांफ्रेंस में शॉर्ट सर्किट की खबर कुछ ही देर में सोशल मीडिया पर फैल गई। धुएं से भरे हाल और सुरक्षाकर्मियों के घेरे में बाहर निकलती मायावती के वीडियो और तस्वीरें वायरल होती रहीं। हालांकि अधिकतर प्रतिक्रियाओं में राहत जताई गई कि कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ।
मायावती की प्रेस कांफ्रेंस में हुआ यह शॉर्ट सर्किट भले ही कुछ ही मिनटों में नियंत्रित हो गया, लेकिन यह घटना सार्वजनिक आयोजनों में सुरक्षा और तकनीकी सतर्कता की अहमियत को रेखांकित करती है। यह सिर्फ एक राजनीतिक कार्यक्रम का मामला नहीं, बल्कि उन तमाम आयोजनों के लिए चेतावनी है, जहां बड़ी संख्या में लोग एकत्र होते हैं।
सौभाग्य से इस बार सतर्कता, अनुशासन और त्वरित कार्रवाई ने एक संभावित बड़ी दुर्घटना को टाल दिया। मायावती सहित सभी लोग सुरक्षित हैं और स्थिति पूरी तरह सामान्य है, लेकिन यह घटना यह सवाल जरूर छोड़ जाती है कि क्या सार्वजनिक कार्यक्रमों में हम सुरक्षा को उतनी गंभीरता से लेते हैं, जितनी लेनी चाहिए।