पंखुड़ी पाठक ने समाजवादी पार्टी नेतृत्व पर लगाए गंभीर आरोप।
लखनऊ. समाजवादी पार्टी ने अपने पैनलिस्टों की सूची जारी कर दी है। जो पार्टी की तरफ से इलेक्ट्रानिक मीडिया, समाचार पत्रों में पक्ष रखेंगे। सबसे बड़ी बात यह है कि इस सूची में सपा की प्रवक्ता व टीवी पैनलिस्ट पंखुड़ी पाठक और अनिल यादव का नाम गायब है। लिस्ट जारी होने के कुछ देर बाद ही पंखुड़ी पाठक ने सपा से इस्तीफा दे दिया, हालांकि उन्होंने पार्टी में दम घुटना इस्तीफे का कारण बताया है।
पंखुड़ी पाठक ने कहा कि मैं समाजवादी पार्टी से अपने सम्बंध ख़त्म कर रही हूँ। पिछले कुछ समय से पार्टी में चल रही राजनीति में मेरा दम घुटने लगा है। जाति और लिं ग को आधार बना कर जिस तरह पार्टी के ही लोगों द्वारा पार्टी के नेता और कार्यकर्ताओं पर हमला किया जाता है और नेतृत्व की जानकारी के बावजूद कारवाई नहीं की जाती यह दर्शाता है कि पार्टी अपनी विचारधारा से भटक चुकी है।
आंतरिक लोकतंत्र की कमी और बढ़ती चाटुकारिता के माहौल में मेहनती व निष्ठावान कार्यकर्ताओं/ नेताओं की लगातार उपेक्षा की जाती है, जिससे उनका मनोबल टूटने लगा है। अखिलेश यादव जी के नेतृत्व में समाजवादी पार्टी को अपने जीवन के 8 वर्ष देने के बाद अब मैं महसूस कर रही हूँ कि नेतृत्व में मेरा वह विश्वास नहीं रहा जो कुछ वर्ष पूर्व था। ऐसे में पार्टी में बने रहने की मैं कोई वजह नहीं देखती।
मैंने अखिलेश यादव जी को अपना नेता ही नहीं, आदर्श और बड़ा भाई भी माना है लेकिन मैं इस बात से आहत हूँ कि मुझ पर जातिगत हमला करने वालों की जगह हमेशा मुझ पर कारवाई हुई। एक महिला होने के बावजूद मुझे नजऱअन्दाज़ किया गया।
एक बात जो मुझे समझ आई वह यह कि इस नई समाजवादी पार्टी में आपकी अहमियत तभी है जब आप या तो चापलूस हैं या किसी राजनैतिक परिवार या राजघराने से हैं।
अपनी मेहनत से आगे बढऩे वाले कार्यकर्ताओं का कोई स्थान नहीं है, जो चापलूसी नहीं करेगा उसे किनारे कर दिया जाएगा।
इस पार्टी में बने रहने के लिए अपने स्वाभिमान से लगातार समझौता करना पड़ेगा जो अब स्वीकार नहीं है।