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प्यार, धोखा और खून: मेरठ जेल में बंद हैं 6 कातिल महिलाएं, पति और बेटे की हत्या का आरोप

Muskan Blue Drum Case: मेरठ जेल की बैरक नंबर 12A इन दिनों चर्चा में है, जहां पति की हत्या के मामलों में आरोपी पांच महिलाएं और बेटे की हत्या के मामले में एक महिला बंद है। हाल ही में सांप से पति की हत्या की आरोपी दामिनी भी इसी बैरक में पहुंची।
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लखनऊ

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Ankit Sai

•

Updated: 20 Jul 2026, 10:05 PM IST

Meerut Jail

मेरठ जेल में बंद हैं 6 महिलाएं

Crime News: मेरठ की चौधरी चरण सिंह जिला कारागार की बैरक नंबर 12ए इन दिनों चर्चा का केंद्र बनी हुई है। इस बैरक में छह ऐसी महिलाएं बंद हैं, जिन पर अपने ही परिवार के लोगों की हत्या के गंभीर आरोप हैं। इनमें पांच महिलाओं पर पति की हत्या, जबकि एक पर अपने मासूम बेटे की हत्या का आरोप है। कभी खुशहाल परिवार का हिस्सा रहीं ये महिलाएं आज सलाखों के पीछे हैं। जेल में उनकी सुबह सुंदरकांड और भजन से शुरू होती है।

जानिए किसने क्या किया, किन आरोपों में हैं जेल में बंद

मेरठ जिला कारागार की बैरक नंबर 12A में बंद हर महिला की कहानी अलग है, लेकिन उन पर लगे आरोप बेहद गंभीर हैं।
1. मुस्कान पर आरोप है कि उसने अपने प्रेमी के साथ मिलकर पति सौरभ की हत्या की और शव को ठिकाने लगाने के लिए उसे नीले ड्रम में छिपाने की कोशिश की।
2. अंजलि उर्फ दामिनी पर आरोप है कि उसने अपने प्रेमी के साथ मिलकर पति राहुल की हत्या की साजिश रची।
3. रविता पर अपने पति अमित की हत्या कर मामले को दूसरा रूप देने का आरोप है।

4. कोमल पर आरोप है कि उसने अपने बीएसएफ जवान पति नैन सिंह की हत्या की साजिश रची और इसके लिए बड़ी रकम खर्च की।
5. प्रिंसिपल दामिनी पर आरोप है कि उसने अपने प्रेमी के साथ मिलकर स्कूल संचालक पति की हत्या की साजिश रची।
6. गुरप्रीत पर आरोप है कि उसने अपने प्रेमी के लिए अपने सात साल के मासूम बेटे की हत्या कराई। फिलहाल इन सभी मामलों की सुनवाई अदालत में चल रही है।

पहली रात नहीं खाया खाना, सुबह हुई मुस्कान से मुलाकात

जेल पहुंचने के बाद दामिनी की पहली रात आसान नहीं रही। जेल अधिकारियों के मुताबिक उसने शुरुआत में खाना नहीं खाया और पूरी रात बेचैन रही। अगली सुबह गिनती और नाश्ते के समय उसकी मुलाकात मुस्कान से हुई। इसी दौरान दोनों ने एक-दूसरे से संक्षिप्त बातचीत की। वरिष्ठ जेल अधीक्षक वीरेश राज शर्मा ने बताया कि दामिनी अब धीरे-धीरे जेल के माहौल और नियमों के अनुसार खुद को ढाल रही है।

बेटे को याद कर कई बार रो पड़ी

जेल प्रशासन के अनुसार दामिनी अपने 6 साल के बेटे को लगातार याद कर रही है। वह कई बार बेटे का नाम लेकर भावुक हो गई। उसने अपने माता-पिता से मिलने की इच्छा भी जताई और जेल अधिकारियों से मुलाकात की प्रक्रिया के बारे में जानकारी ली। मन को शांत रखने और समय बिताने के लिए उसने जेल की लाइब्रेरी से एक धार्मिक पुस्तक भी ली है। अधिकारियों का कहना है कि नई जेल में आने वाले अधिकांश बंदी शुरुआती दिनों में मानसिक तनाव से गुजरते हैं।