
डिंपल यादव (फोटो सोर्स- IANS)
Dimple Yadav News: नीट पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग को लेकर सोमवार को दिल्ली से लेकर उत्तर प्रदेश के कई शहरों तक विपक्ष का बड़ा प्रदर्शन देखने को मिला। समाजवादी पार्टी ने दावा किया कि संसद से जंतर-मंतर तक निकाले गए पैदल मार्च के दौरान डिंपल यादव समेत पार्टी के कई सांसदों को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया। सपा ने सरकार पर छात्रों की आवाज दबाने का आरोप लगाया है।
सूत्रों के अनुसार, दिल्ली पुलिस ने डिंपल यादव, धर्मेंद्र यादव, राजीव राय, अक्षय यादव, आदित्य यादव, प्रिया सरोज, पुष्पेंद्र सरोज, हरेंद्र मलिक और इकरा हसन को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लेकर सांसदों को संसद मार्ग पुलिस थाने में बैठाया।
पार्टी का कहना है कि सभी CJP के समर्थन में संसद से जंतर-मंतर तक पैदल मार्च कर रहे थे। सपा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि छात्रों की आवाज उठा रहे सांसदों को हिरासत में लेना और प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज करना लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।
सपा सांसद डिंपल यादव ने कहा कि लोकतंत्र के इतिहास में आज का दिन काला दिवस के रूप में मनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि पुलिस के आंखों में भी शर्मिंदगी दिख रही थी, कुछ पुलिसकर्मी गुंडे बने हुए थे, कुछ पुलिसवाले बिना वर्दी के आए और बच्चों को मारा है। जबकि नियम होता है कि आपको पैरों पर मारना है वहां बच्चों के सीने पर मारा है। उन्होंने कहा, 'ये हमला भारत माता के सीने पर किया है। हमारी मांग है कि शिक्षा मंत्री को हटाएं, सरकार जिम्मेदारी ले, इतनी अहंकारी कठोर और निर्दयी सरकार शायद ही देश के इतिहास ने देखी हो।'
संसद परिसर के बाहर अखिलेश यादव ने कहा कि पार्टी के सांसदों को पुलिस स्टेशन में रखा गया है, जबकि बाहर छात्रों पर कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि हमारे सांसदों को पुलिस स्टेशन में रखा गया है, जबकि बाहर बच्चों को पीटा जा रहा है। यह कैसी सरकार है, आप बच्चों की बात नहीं सुनना चाहते। अखिलेश यादव यह सरकार नहीं, अहंकार है। करोड़ों युवा इस आंदोलन से जुड़े हैं, लेकिन सरकार उनकी आवाज सुनना ही नहीं चाहती।
दिल्ली के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के कई शहरों में भी समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे। लखनऊ में विधानसभा का घेराव करने जा रहे सपा कार्यकर्ताओं को पुलिस ने रोक लिया। इसके बाद कई कार्यकर्ता सड़क पर लेट गए और नारेबाजी करने लगे। पुलिस ने उन्हें हटाकर बसों में बैठाया और ईको गार्डन ले गई। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं के हाथों में किताबें थीं, जिनके ऊपर जंजीर से बंधा बुलडोजर का प्रतीकात्मक मॉडल रखा गया था।
वाराणसी में समाजवादी छात्र सभा और बीएचयू से जुड़े कई छात्र नेताओं को प्रदर्शन स्थल तक पहुंचने से पहले ही रोक दिया गया। नरिया चौराहा, लंका और काशी विद्यापीठ क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई थी।
Updated on:
20 Jul 2026 05:50 pm
Published on:
20 Jul 2026 05:03 pm
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