
प्रतीकात्मक फोटो
Kanwar Yatra 2026: उत्तर प्रदेश सरकार ने कांवड़ यात्रा 2026 को सुव्यवस्थित ढंग से संचालित करने के लिए एक महत्वपूर्ण रणनीति तैयार की है। मुख्य सचिव एस.पी. गोयल और पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण ने सोमवार को मेरठ पहुंचकर चार राज्यों के अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक की। बैठक में तय किया गया कि दिल्ली-देहरादून ग्रीनफील्ड हाईवे और गंगा एक्सप्रेसवे पर कांवड़ यात्रियों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा, ताकि आम नागरिकों का यातायात निर्बाध जारी रह सके।
30 जुलाई से शुरू होने वाली कांवड़ यात्रा को लेकर आस्था और जन सुविधा के बीच संतुलन बनाने की कोशिश की जा रही है। मुख्य सचिव एस.पी. गोयल ने बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए कि इन दोनों महत्वपूर्ण एक्सप्रेसवे को सामान्य वाहनों के लिए खुला रखा जाए। कांवड़ियों के लिए अलग सुरक्षा व्यवस्था की जाएगी, लेकिन एक्सप्रेसवे पर उनकी एंट्री नहीं होगी। यह फैसला पिछले वर्षों के अनुभवों और यातायात जाम की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
मेरठ के आयुक्त कार्यालय में करीब दो घंटे चली बैठक में उत्तर प्रदेश के अलावा दिल्ली, हरियाणा और उत्तराखंड के वरिष्ठ पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी ऑनलाइन शामिल हुए। सुरक्षा, यातायात प्रबंधन, स्वच्छता और अन्य व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा हुई। पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण ने कहा कि मुजफ्फरनगर में पिछले वर्ष हुई घटनाओं को देखते हुए अतिरिक्त सतर्कता बरती जाएगी। उच्चतम न्यायालय और राज्य सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार आपत्तिजनक वस्तुओं पर सख्ती से प्रतिबंध लागू रहेगा।
डीजीपी ने बताया कि कांवड़ यात्रियों के लिए सुरक्षा, साफ-सफाई और अन्य सुविधाओं की पूरी व्यवस्था की जा रही है। साथ ही ट्रैफिक प्लान तैयार किया गया है, जिसे समाचार पत्रों के माध्यम से आमजन को पहले से जानकारी दी जाएगी। उन्होंने कहा, हमारा प्रयास है कि श्रद्धालुओं की आस्था अक्षुण्ण रहे और आम नागरिकों को अनावश्यक परेशानी न हो। कांवड़ संघों के साथ भी संवाद बनाए रखा जाएगा।
बैठक के बाद मुख्य सचिव और डीजीपी ने संक्षिप्त मीडिया बातचीत की और लखनऊ रवाना हो गए। इस बार यात्रा के दौरान डीजे की ऊंचाई, वॉल्यूम लेवल और अन्य नियमों का सख्ती से पालन कराया जाएगा। गंगा एक्सप्रेसवे और दिल्ली-देहरादून ग्रीनफील्ड हाईवे के संचालन से यातायात व्यवस्था में काफी सुधार की उम्मीद है।
कांवड़ यात्रा के दौरान लाखों श्रद्धालु हरिद्वार से गंगाजल लेकर अपने घरों के शिव मंदिरों में चढ़ाने के लिए निकलते हैं। ऐसे में यूपी सरकार की इस रणनीति से न केवल श्रद्धालुओं को सुविधा मिलेगी, बल्कि आम जनजीवन भी प्रभावित नहीं होगा। अधिकारियों ने सभी संबंधित विभागों को आवश्यक तैयारी पूरी करने के निर्देश दिए हैं।
Updated on:
20 Jul 2026 07:41 pm
Published on:
20 Jul 2026 07:41 pm
