Passport Update: क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय लखनऊ 21 फरवरी को लखनऊ, कानपुर, गोरखपुर और वाराणसी में एक साथ पासपोर्ट जन शिकायत निवारण मेला आयोजित करेगा। इस विशेष शिविर में पासपोर्ट आवेदकों की लंबित, दस्तावेजी और तकनीकी समस्याओं का समाधान मौके पर किया जाएगा। 10 फरवरी को प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए विस्तृत जानकारी दी जाएगी।
Passport Grievance Redressal Camp on 21 Feb: पासपोर्ट से जुड़ी परेशानियों का सामना कर रहे नागरिकों के लिए बड़ी राहत की खबर है। 21 फरवरी को क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय (RPO) लखनऊ की ओर से एक विशेष पासपोर्ट जन शिकायत निवारण मेला आयोजित किया जा रहा है। यह मेला एक साथ लखनऊ, कानपुर, गोरखपुर और वाराणसी के पासपोर्ट सेवा केंद्रों (PSK) पर लगाया जाएगा, जहां आवेदकों की समस्याओं का समाधान मौके पर ही किया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य पासपोर्ट सेवाओं को अधिक पारदर्शी, सरल और नागरिक-हितैषी बनाना है।
यह एक विशेष शिविर होगा, जहां पासपोर्ट आवेदन से संबंधित लंबित, तकनीकी या दस्तावेजी समस्याओं को प्राथमिकता से सुना जाएगा। संबंधित अधिकारी मौके पर उपस्थित रहेंगे और यथासंभव उसी दिन समाधान देंगे।
जिन आवेदकों को निम्न समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है, उन्हें विशेष रूप से लाभ मिलेगा।
चारों स्थानों पर संबंधित अधिकारी और तकनीकी टीम मौजूद रहेंगी, ताकि अधिकतम मामलों का निस्तारण किया जा सके।
क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी शुभम् सिंह ने बताया कि यह पहल नागरिकों को कार्यालयों के चक्कर लगाने से बचाने और उनकी शिकायतों का त्वरित समाधान देने के उद्देश्य से की जा रही है। उन्होंने मीडिया से अपील की है कि इस जानकारी को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाया जाए, ताकि ज्यादा से ज्यादा नागरिक इस सुविधा का लाभ उठा सकें।
इस मेले को लेकर 10 फरवरी को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की जाएगी, जिसमें आयोजन की प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेज और भागीदारी से जुड़ी विस्तृत जानकारी दी जाएगी।
मेले में आने वाले नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे अपने साथ संबंधित दस्तावेज, आवेदन संख्या (Application Reference Number), पहचान पत्र और समस्या से जुड़े प्रमाण अवश्य लेकर आएं। इससे मौके पर समाधान प्रक्रिया तेज होगी।
यह पहल पासपोर्ट सेवा प्रणाली को अधिक जवाबदेह और सुगम बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। बढ़ती अंतरराष्ट्रीय यात्रा, शिक्षा और रोजगार के अवसरों को देखते हुए पासपोर्ट अब बुनियादी दस्तावेज बन चुका है। ऐसे में शिकायत निवारण मेले जैसी व्यवस्था आम नागरिकों के लिए बड़ी राहत साबित हो सकती है।