अगर जीवन भर की कमाई एंप्लाई प्रोविडेंट फंड ऑर्गेनाइजेशन (EPFO) के जरिये ठीक से मैनेज किया जाए, तो रिटायरमेंट के बाद आर्थिक स्थिति को लेकर ज्यादा परेशानी नहीं होगी। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन ने अपने लोगों को यह सुविधा दी है कि जरूरत पड़ने पर अपने पीएफ खाते से इंश्योरेंस का प्रीमियम भर सकते हैं।
रिटायरमेंट के बाद अधिकतर लोग अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए जमापूंजी या फिर मिलने वाली पेंशन पर निर्भर रहते हैं। हालांकि, अगर जीवन भर की कमाई कर्मचारी निधि संगठन या एंप्लाई प्रोविडेंट फंड ऑर्गेनाइजेशन (EPFO) के जरिये ठीक से मैनेज किया जाए, तो रिटायरमेंट के बाद आपको आर्थिक स्थिति को लेकर ज्यादा परेशानी नहीं होगी। दरअसल, कर्मचारी भविष्य निधि संगठन ने अपने लोगों को यह सुविधा दी है कि जरूरत पड़ने पर अपने पीएफ खाते से इंश्योरेंस का प्रीमियम भर सकते हैं। ईपीएफओ अकाउंट होल्डर्स को यह सुविधा सिर्फ एलआईसी की पॉलिसी (LIC Policy) का प्रीमियम भरने के लिए देता है। इसका फायदा उन्हें मिलता है जिन्होंने फॉर्म 14 भरा व जमा किया हो।
ईपीएफओ से भरें एलआईसी पॉलिसी का प्रीमियम
फॉर्म 14 के जरिये आपकी एलआईसी पॉलिसी और ईपीएफओ खाते लिंक हो जाएंगे। पीएफ खाते से एलआईसी पॉलिसी का प्रीमियम कट जाएगा। इसके लिए पीएफ अकाउंट होल्डर को ही ईपीएफओ को यह जानकारी देनी होगी कि वह उसकी एलआईसी पॉलिसी का प्रीमियम भरे। हालांकि, ईपीएफओ से एलआईसी पॉलिसी का प्रीमियम भरने के लिए यह शर्त रखी है कि आपके पीएफ खाते में एलआईसी के दो साल के प्रीमियम की बराबर जितनी राशि खाते में पड़ी हो।
कब कटेगा प्रीमियम
जब आपकी एप्लीकेशन प्रोसेस पूरी हो जाएगी तो आपके प्रीमियम के ड्यू डेट या उससे पहले ईपीएफओ खाते से एलआईसी पॉलिसी का प्रीमियम कट जाएगा। आप कई सालों तक इस सुविधा का लाभ उठा सकते हैं।