लखनऊ

यूपी में ‘पीडीए पाठशाला’ की शुरुआत, सपा ने भाजपा सरकार की शिक्षा नीतियों पर साधा निशाना

यूपी में स्कूल मर्जर के विरोध में सपा ने PDA पाठशाला की शुरूआत की है। यह शुरूआत अमेठी के भादर ब्लॉक के स्माइलपुर ग्रामसभा के रायपुर गांव में सपा नेता जयसिंह प्रताप यादव ने की।
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Updated: 26 Jul 2025, 6:57 PM IST
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अमेठी में लगी पीडीए की पाठशाला, PC - एक्स।

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी (सपा) ने 'पीडीए पाठशाला' अभियान शुरू कर दिया है। सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार की शिक्षा नीतियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए इसे गरीबों से शिक्षा का अधिकार छीनने की साजिश बताया है। अखिलेश यादव ने पढ़े-लिखे नौजवानों, पार्टी समर्थकों और सेवानिवृत्त शिक्षकों से अपील की है कि वे उन गांवों में बच्चों को पढ़ाने के लिए 'पीडीए पाठशाला' चलाएं, जहां स्कूल बंद हो रहे हैं।

इसी कड़ी में, तहसील क्षेत्र के भादर ब्लॉक के स्माइलपुर ग्रामसभा के रायपुर गांव में सपा नेता जयसिंह प्रताप यादव की अगुवाई में एक पेड़ के नीचे पहली 'पीडीए पाठशाला' लगाई गई, जहां आसपास के गांवों के बच्चों को एकजुट होकर पढ़ाया गया।

भाजपा सरकार पर शिक्षा व्यवस्था बर्बाद करने का आरोप

अखिलेश यादव ने बयान दिया था कि वर्तमान भाजपा सरकार में शिक्षा का अधिकार छीना जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार बुनियादी और प्राथमिक शिक्षा को खत्म करने की साजिश रच रही है, ताकि गरीब बच्चों को शिक्षा से दूर किया जा सके। अखिलेश ने यह भी कहा कि अगर समाजवादी सरकार बनती है, तो बंद किए गए स्कूलों को और बेहतर तरीके से फिर से खोला जाएगा।

50 से कम छात्रों वाले स्कूलों को मर्ज करने का सरकारी फैसला

उत्तर प्रदेश सरकार ने उन बेसिक स्कूलों को मर्ज करने का फैसला किया है, जहां 50 से कम बच्चे हैं। सरकार का तर्क है कि बच्चों की कमी के कारण यह कदम उठाया जा रहा है। इन छोटे स्कूलों को पास के बड़े स्कूलों में मर्ज करने से संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल होगा और शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार आएगा। पूरे प्रदेश में ऐसे करीब 27,000 स्कूलों को चिन्हित किया गया है।

सपा और विपक्षी दलों का विरोध

समाजवादी पार्टी सहित अन्य विपक्षी दल सरकार के इस फैसले का कड़ा विरोध कर रहे हैं। विपक्षी दलों का कहना है कि छोटे स्कूलों को बड़े स्कूलों में मर्ज करने से छात्रों को काफी परेशानी होगी। उन्हें लंबा सफर तय करके बड़े स्कूलों तक जाना पड़ेगा, जिससे शिक्षा का अधिकार भी प्रभावित होगा।

Updated on:
26 Jul 2025, 6:57 PM IST
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