
Uttar Pradesh News:लखनऊ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जनसेवा के 25 साल पूरे होने पर आयोजित ‘सेवा ज्योति यात्रा’ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन्हें बधाई दी। सीएम योगी ने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी का सार्वजनिक जीवन ‘जनसेवा से राष्ट्रसेवा’ के संकल्प को समर्पित रहा है। उन्होंने कहा कि 25 साल का यह सफर प्रधानमंत्री के दृढ़ संकल्प, मेहनत और दूरदर्शी सोच का प्रमाण है। योगी ने कहा कि पीएम मोदी के प्रयासों से देश सुरक्षित, आत्मनिर्भर और दुनिया में अपनी मजबूत पहचान बनाने वाला नया भारत देख रहा है।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी ने अपनी सरकार के काम गिनाए और पिछली सरकारों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि 2017 से पहले यूपी में एक जिला, एक माफिया के कारण अराजकता पैदा होती थी। आज एक जिला, एक माफिया नहीं, बल्कि एक जिला, एक मेडिकल कॉलेज की दिशा में काम हो रहा। एक जिला, एक उत्पाद और एक जिला, एक कुजीन की दिशा में काम हो रहा है।
मुख्यमंत्री ने लखनऊ को एआई, सेमीकंडक्टर, साइबर सिक्योरिटी, कंप्यूटिंग और डीप टेक टेक्नोलॉजी का केंद्र बनाने की बात कही। एचसीएल टेक लखनऊ के 10वें स्थापना दिवस पर उन्होंने अगले पांच वर्षों में लखनऊ को भारत की अग्रणी एआई इनोवेशन सिटी बनाने का लक्ष्य बताया। इसके लिए कम से कम 50 विश्वस्तरीय एआई स्टार्टअप स्थापित करने और उन्हें वैश्विक बाजार तक पहुंचाने वाला इनोवेशन इकोसिस्टम तैयार करने की बात कही।
योगी ने एचसीएल को भी इस अभियान में साथ आने का प्रस्ताव दिया। उन्होंने एचसीएल आईटी सिटी लखनऊ के फेज-2 की आधारशिला रखी और परियोजना मॉडल का उद्घाटन किया। करीब 500 करोड़ रुपये के निवेश वाले इस चरण में लगभग छह हजार प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री ने इमर्जिंग टेक स्किलिंग सेंटर का भी शुभारंभ किया। यहां छात्रों, शिक्षकों, वर्किंग प्रोफेशनल्स और सरकारी अधिकारियों को उभरती तकनीक का प्रशिक्षण दिया जाएगा। 100 एकड़ के एचसीएल टेक लखनऊ परिसर में 12,520 से अधिक टेक कर्मचारी काम कर रहे हैं। छह हजार से ज्यादा फ्रेशर्स को नौकरी का अवसर मिला है। टेकबी कार्यक्रम के जरिए 2,200 से अधिक युवाओं को इंडस्ट्री रेडी स्किल और टेक्नोलॉजी करियर से जोड़ा गया है।
योगी ने कहा कि एक दशक पहले आईटी और आईटीईएस के जरिए 12 से 15 हजार करोड़ रुपये का निर्यात होता था। अब यह एक लाख करोड़ रुपये से ज्यादा हो गया है। अगले चार साल में इसे 2.5 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचाने का लक्ष्य है। इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात भी 3,800 करोड़ रुपये से बढ़कर 45 हजार करोड़ रुपये हो गया है। 2030 तक इसे दो लाख करोड़ रुपये तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग में उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी 55 प्रतिशत और इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट में 60 प्रतिशत है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज, मेरठ और आगरा में आईटी पार्क चल रहे हैं। सात सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क भी काम कर रहे हैं। वाराणसी, बरेली, कानपुर और गोरखपुर में नए आईटी पार्क बनाए जा रहे हैं। नोएडा और लखनऊ को यू-हब यानी डीप टेक हब के रूप में विकसित करने का भी निर्णय लिया गया है।
उन्होंने कहा कि दस साल पहले यूपी के युवाओं को नौकरी और करियर के लिए दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और हैदराबाद जाना पड़ता था। अब प्रदेश का युवा लखनऊ में रहकर दुनिया के लिए टेक्नोलॉजी बना रहा है।