
Nandan Nilekani Task Force: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में रविवार को मंत्री अनिल राजभर ने दो बड़े मुद्दों पर अपनी बात रखी। एक तरफ उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से परीक्षा सुधारों के लिए गठित हाई-पावर्ड टास्क फोर्स का स्वागत किया, तो दूसरी ओर एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी की समाजवादी पार्टी को गठबंधन की पेशकश पर भी प्रतिक्रिया दी। राजभर ने दावा किया कि नई व्यवस्था लागू होने के बाद पेपर लीक जैसी घटनाओं पर लगाम लगेगी और विपक्ष चाहे जितना एकजुट हो जाए, भाजपा को उत्तर प्रदेश में नहीं हरा पाएगा।
अनिल राजभर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और भरोसेमंद बनाने के लिए बड़ा फैसला लिया है। टेक्नोलॉजी विशेषज्ञ नंदन नीलेकणी की अध्यक्षता में बनाई गई हाई-पावर्ड टास्क फोर्स में विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों को शामिल किया गया है। उन्होंने कहा कि यह समिति परीक्षा व्यवस्था में तकनीक के बेहतर इस्तेमाल और सुधारों पर काम करेगी, ताकि युवाओं को निष्पक्ष और पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था मिल सके।
मंत्री ने विश्वास जताते हुए कहा कि जैसे ही परीक्षा सुधारों से जुड़ा प्रस्तावित कानून लागू होगा और टास्क फोर्स पूरी क्षमता से काम शुरू करेगी, वैसे ही पेपर लीक जैसी घटनाएं बीते समय की बात बन जाएंगी। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य लाखों युवाओं की मेहनत को सुरक्षित रखना है। पिछले कुछ वर्षों में पेपर लीक की घटनाओं से अभ्यर्थियों का भरोसा कमजोर हुआ है, लेकिन अब मजबूत कानून और आधुनिक तकनीक के जरिए इस समस्या का स्थायी समाधान निकालने की कोशिश की जा रही है।
मीडिया ने जब एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी की ओर से समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव को दिए गए गठबंधन प्रस्ताव पर सवाल किया तो अनिल राजभर ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि विपक्ष चाहे जितना भी एकजुट हो जाए, उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी को हराना आसान नहीं है।
अनिल राजभर ने दावा किया कि आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा एक बार फिर स्पष्ट बहुमत के साथ सरकार बनाएगी। उनके मुताबिक प्रदेश की जनता सरकार के विकास कार्यों, कानून-व्यवस्था और योजनाओं को देखकर वोट देती है, इसलिए विपक्षी दलों के गठबंधन का भाजपा पर कोई खास असर नहीं पड़ेगा।
उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव की तैयारियां धीरे-धीरे तेज हो रही हैं। ऐसे में एक ओर केंद्र सरकार परीक्षा सुधारों पर फोकस कर रही है, तो दूसरी ओर विपक्षी दल नए राजनीतिक समीकरण बनाने में जुटे हैं। इसी बीच अनिल राजभर के बयान को चुनावी रणनीति और युवाओं से जुड़े मुद्दों के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है। आने वाले समय में परीक्षा सुधारों पर बनने वाले कानून और विपक्षी दलों के संभावित गठबंधन, दोनों ही उत्तर प्रदेश की राजनीति के प्रमुख मुद्दे बने रह सकते हैं।