लखनऊ

पीएम सूर्य घर योजना: यूपी में ऊर्जा क्रांति, 10.94 लाख से अधिक आवेदन, बिजली बिल और पर्यावरण में बड़ी राहत

PM Surya Ghar:उत्तर प्रदेश में पीएम सूर्य घर योजना ने प्रदेश को ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में मजबूत कदम बढ़ाने में मदद की है। अब तक 10.94 लाख से अधिक आवेदन दर्ज हुए हैं और 3.57 लाख रूफटॉप सोलर सिस्टम स्थापित किए जा चुके हैं। योजना से बिजली बिल में 60–90% तक बचत और पर्यावरण संरक्षण भी सुनिश्चित हुआ है।

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Feb 01, 2026
पीएम सूर्य घर योजना: यूपी में ऊर्जा क्रांति, बिजली बिल और पर्यावरण में बड़ा बदलाव (फोटो सोर्स : WhatsApp News Group)

PM Surya Ghar Scheme: उत्तर प्रदेश ने स्वच्छ और हरित ऊर्जा के क्षेत्र में नया कीर्तिमान स्थापित कर दिखाया है। प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के चलते उत्तर प्रदेश न केवल देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हुआ है, बल्कि यह राज्य ऊर्जा आत्मनिर्भरता और हरित विकास की दिशा में तेज़ी से अग्रसर भी हो रहा है। राष्ट्रीय पोर्टल के आंकड़ों के अनुसार अब तक देशभर में 58.36 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें अकेले उत्तर प्रदेश में 10.94 लाख से अधिक आवेदन दर्ज किए गए हैं। यह आंकड़ा प्रदेश के आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी और सौर ऊर्जा के प्रति बढ़ते भरोसे को दर्शाता है।

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3.57 लाख से अधिक रूफटॉप सोलर सिस्टम स्थापित

योगी सरकार की सक्रिय नीतियों और यूपीनेडा तथा वितरण कंपनियों के समन्वित प्रयासों के चलते अब तक 3,57,879 रूफटॉप सोलर सिस्टम प्रदेश में स्थापित किए जा चुके हैं। इससे उत्तर प्रदेश की कुल स्थापित सौर क्षमता 1,227.05 मेगावाट तक पहुंच गई है। योजना के तहत उपभोक्ताओं को अब तक ₹2,440.62 करोड़ की केंद्रीय सब्सिडी और लगभग ₹600 करोड़ की राज्य सब्सिडी प्रदान की जा चुकी है।

उपभोक्ताओं को सीधा लाभ, बिजली बिल में भारी राहत

रूफटॉप सोलर सिस्टम से उपभोक्ताओं के बिजली बिल में 60–90 प्रतिशत तक की कमी आई है। औसतन उपभोक्ता ₹1,500–3,000 प्रति माह तक की बचत कर रहे हैं। इसके साथ ही 25 वर्षों तक स्वच्छ और स्थायी बिजली का लाभ, नेट मीटरिंग के जरिए अतिरिक्त उत्पादन को ग्रिड में समायोजित करने जैसी सुविधाएँ भी मिल रही हैं।

 हर दिन 50 लाख यूनिट से अधिक ग्रीन बिजली उत्पादन

प्रदेश में प्रतिदिन 50 लाख यूनिट से अधिक ग्रीन सोलर बिजली का उत्पादन हो रहा है। इससे वितरण कंपनियों पर पीक डिमांड का दबाव कम हुआ है और ऊर्जा आपूर्ति प्रणाली अधिक स्थिर और सक्षम बनी है। यह पहल उत्तर प्रदेश को ऊर्जा आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में मजबूत आधार तैयार कर रही है।

पर्यावरण संरक्षण में बड़ा योगदान

पीएम सूर्य घर योजना के जरिए उत्तर प्रदेश में प्रतिवर्ष लगभग 13–15 लाख टन CO₂ उत्सर्जन में कमी आ रही है। कोयला आधारित बिजली पर निर्भरता घटने से वायु प्रदूषण और ग्रीन हाउस गैसों में उल्लेखनीय कमी हुई है। यह पहल भारत के नेट-ज़ीरो 2070 लक्ष्य को मजबूती प्रदान करती है।

डिजिटल और हरित ऊर्जा इकोसिस्टम

योगी सरकार पीएम सूर्य घर योजना को भविष्य में यूनिफाइड एनर्जी इंटरफेस (UEI) आधारित डिजिटल ऊर्जा ढांचे से जोड़ने पर काम कर रही है। इसके तहत:

  • सौर उत्पादन
  • स्मार्ट मीटरिंग
  • नेट मीटरिंग
  • कार्बन डेटा
  • भुगतान प्रणालिया

को बैंकिंग और वित्तीय सिस्टम से जोड़ा जाएगा। इसका उद्देश्य ईवी चार्जिंग, ग्रीन फाइनेंसिंग, कार्बन क्रेडिट ट्रैकिंग और ऊर्जा आधारित वित्तीय उत्पादों को बढ़ावा देना है।

 वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता में वृद्धि

इस पहल से एमएसएमई और निर्यातकों की वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता भी मजबूत होगी। ईयू-इंडिया एफटीए और सीबीएएम (Carbon Border Adjustment Mechanism) के संदर्भ में प्रदेश की उत्पादक इकाइयों को अधिक अवसर प्राप्त होंगे।

 युवाओं के लिए अवसर

फिल्म, तकनीकी और ऊर्जा सेक्टरों में रोजगार के साथ-साथ स्थानीय युवाओं के लिए नए अवसर खुल रहे हैं। सौर उत्पादन, नेटवर्क प्रबंधन और निगरानी के क्षेत्र में विशेषज्ञों की मांग बढ़ेगी।

बजट और सब्सिडी का असर

केंद्र और राज्य सरकार की सब्सिडी ने सौर उपकरण लगवाने की प्रक्रिया को आसान और किफायती बनाया।

  • प्रत्यक्ष लाभ: 60–90% बिजली बिल में कटौती
  • औसत बचत: ₹3,000 प्रति माह

यह सीधे आम उपभोक्ताओं के घरों और व्यवसायों में आर्थिक राहत का कारण बन रहा है।

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