
लखनऊ. राज्यसभा सांसद अमर सिंह द्वारा समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता व पूर्व मंत्री आजम खान के खिलाफ दर्ज की गई एफआईआर के बाद पुलिस कार्रवाई ने धीरे-धीरे रफ्तार पकड़ ली है। आपको बता दें कि बीते 18 अक्टूबर को अमर सिंह ने आजम खां के खिलाफ दिल्ली से शुरू की गई एफआईआर यात्रा के समापन पर लखनऊ के गोमतीनगर थाने में कई धाराओं में मामला दर्ज करवाया था। जिसमें उन्होंने आजम खां द्वारा उनकी बेटियों को एसिड से मारने व सम्प्रदायिक हिंसा भड़काने जैसे गंभीर आरोप लगाए थे।
पुलिस ने शुरू की जांच-
एफआईआर के दो दिन बाद ही मामले की जांच कर रही लखनऊ की गोमतीनगर पुलिस ने तेजी दिखाई। पुलिस ने शनिवार को जांच की शुरुआत अमर सिंह द्वारा सौंपी गई उस सीडी से की, जिसमें आंजम खां के विवादित बयानों की वीडियो फुटेज है। पुलिस ने इस सीडी को जांच के लिए फॉरेंसिक लैब में भेजा दिया है। सीडी की परीक्षण रिपोर्ट आने के बाद आजम खां व अमर सिंह के बयान दर्ज किए जाएंगे। पुलिस यह भी जानने में जुटी है कि आखिर आजम ने विवादित बयान किस न्यूज चैनल पर व किस तारीख को दिए हैं।
सीडी की सत्यता जानना जरूरी-
सीडी की सत्यता जानने के लिए संबंधित न्यूज चैनल से संपर्क करना बेहद जरूरी है। चैनल से आजम खां के बयान के रॉ फुटेज भी मांगे जाएंगे। ताकि यह पुष्टि हो सके कि उस वीडियो में कोई छेड़छाड़ तो नहीं हुई है या आजम खां के बयान को तोड़ मरोड़ कर तो पेश नहीं किया गया है। यदि अमर सिंह द्वारा आजम पर लगाए गए आरोप सीडी में सच साबित होते हैं, तो पूर्व मंत्री की मुश्किलें बढ़ सकती है।
सपा ने की एफआईआर वापस लेने की मांग-
वैसे अमर सिंह के एफआईआर किए जाने के बाद समाजवादी पार्टी काफी गुस्से में हैं। सपा मुखिया अखिलेश यादव ने तो इसे भाजपा का प्लान करार दिया और ऐसे किसी भी कदम को बर्दाश्त न करते हुए एफआईआर वापस लेने की मांग की है।