लखनऊ पुलिस को सीज की हुई एसयूवी कार से सैर करना महंगा पड़ गया। कार के मालिक ने मोबाईल के जरिए कार चोरी होने के शक पर उसका लॉक सिस्टम ऑन कर दिया।
लखनऊ. लखनऊ पुलिस को सीज की हुई एसयूवी कार से सैर करना महंगा पड़ गया। कार के मालिक ने मोबाईल के जरिए कार चोरी होने के शक पर उसका लॉक सिस्टम ऑन कर दिया। जिससे पुलिस अधिकारी जहां पर थे वहीं कार के अंदर कैद होकर रह गए। कार ऑटो लॉक होने से पुलिस की हवाईयां उड़ गई। सारे जतन करने के बाद भी जब कार ऑन नहीं हुई तो पुलिस अधिकारियों को कार मालिक को फोन करना पड़ गया। वाहन स्वामी भी हैरान था कि उसकी कार को पुलिस अपने काम के लिए इस्तेमाल कर रही है। हालांकि पुलिस के आग्रह पर मालिक ने कार का लॉक खोल दिया जिससे कार को वापस लखनऊ लाया जा सका। लेकिन तब तक यह घटना सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो चुकी थी और साथ ही पुलिस की कारसतानी भी। इसके चलते एक इंस्पेक्टर को लाइन हाजिर होने की सजा भी भुगतनी पड़ी।
यह था मामला-
मामला लखनऊ के गोतमतीनगर का है। सहायक पुलिस आयुक्त गोमतीनगर संतोष कुमार सिंह ने बताया कि मानस एन्क्लेव के निवासी कारोबारी आदित्य श्रीवास्तव व उसके परिचित संजय सिंह के बीच कार खरीदने को लेकर मंगलवार रात को विवाद हुआ था। आदित्य ने तीन वर्ष पहले कार ली थी जिसे कुछ महीने पहले ही उसने संजय को बेच दिया था। लेकिन दोनों में पैसों को लेकर विवाद चल रहा था। बुधवार रात आदित्य अपने दोस्त अखंड सिंह की एसयूवी कार से गोमतीनगर स्थित एसआरएस मॉल पहुंचा जहां संजय पहले ही मौजूद था। आदित्य ने संजय से अपनी कार वापस ले ली। लेकिन दोनों में इसे लेकर फिरसे झगड़ा शुरू हो गया । हंगामा होते देख एसआरएस चौकी प्रभारी उमेश कुमार सिंह दोनों पक्ष को कार समेत थाने ले आए। देर रात पंचायत के बाद दोनों पक्षों ने समझौता कर लिया। पुलिस ने इस बीच आदित्य की कार छोड़ दी लेकिन अखंड की कार थाने में ही खड़ी करा ली। अखंड सिंह गोंडा का मूल निवासी है और वर्तमान में लखनऊ के गोसाईगंज में रहता है। उसे बुधवार को कार थाने आकर लेने के लिए कहा गया था।
ट्रैकर किया ऑन, अखंड के उड़े होश-
बताया जा रहा है कि पुलिस अधिकारी एसयूवी कार से बीते माह अलकनंदा अपार्टमेंट में हुई हत्या मामले के सिलसिले में लखीमपुर गए थे। बुधवार सुबह अखंड ने मोबाइल फोन पर कार के जीपीएस ट्रैकर को ऑन किया तो उसके होश उड़ गए। ट्रैकर में कार लखीमपुर में नजर आ रही थी। उसे लगा कि लगा कार थाने से चोरी हो गई है, इसलिए तुरंत अखंड ने इंजन लॉक कर दिया।
पुलिस ने कार मालिक से किया संपर्क-
कार का इंजन बंद और खुद को कार में कैद होने पर पुलिस अधिकारियों ने अखंड से संपर्क किया और कार को सरकारी काम के सिलसिले में लखीमपुर भेजने की जानकारी दी। अधिकारियों के आग्रह पर अखंड ने कार को अनलॉक किया। शाम को यह मामला सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। पुलिस आयुक्त सुजीत पांडेय को गोमतीनगर पुलिस की इस कारस्तानी का पता चला तो वह भड़क उठे और इंस्पेक्टर को लाइन हाजिर कर दिया। उन्होंने एसएचओ गोमतीनगर पीके सिंह को सस्पेंड कर दिया।