
Prateek Yadav Depression News: उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के छोटे भाई प्रतीक यादव के निधन से हर कोई हैरान है। लेकिन इस दुखद खबर के बीच प्रतीक यादव के बिजनेस और उसमें हुए भारी नुकसान की चर्चाएं तेज हो गई हैं। अखिलेश यादव ने खुद पोस्टमॉर्टम हाउस पहुंचकर संकेत दिए कि बिजनेस में हुए नुकसान ने प्रतीक को मानसिक रूप से काफी परेशान कर दिया था। लेकिन इस पूरी कहानी का एक हिस्सा प्रतीक और उनकी पत्नी अपर्णा यादव के भाई अमन बिष्ट के बीच हुए विवाद से भी जुड़ा है।
प्रतीक यादव मेन काम रियल एस्टेट और जिम का था। गोमतीनगर स्थित उनका 'आयरन कोर फिट' जिम लखनऊ में काफी मशहूर था। इस कारोबार में प्रतीक की पत्नी अपर्णा यादव के भाई अमन सिंह बिष्ट उनके सबसे बड़े पार्टनर थे। साल 2012 से 2016 के बीच करीब 17 कंपनियां रजिस्टर कराई थीं, जिनमें अमन डायरेक्टर या डिजिग्नेटेड डायरेक्टर थे। लेकिन पूरे बिजनेस का कंट्रोल प्रतीक यादव के पास था।
पिछले एक साल से जब अलग-अलग जगहों पर किए गए निवेश डूबने लगे, तो प्रतीक और अमन के बीच दूरियां आने लगीं। घाटा इतना ज्यादा था कि प्रतीक अपने साले से बहुत नाराज हो गए और बात इतनी बढ़ गई कि उन्होंने अमन को अपने गोमतीनगर वाले जिम के ऑफिस को खाली करने तक के लिए कह दिया था। यह तनाव ही था जिसने प्रतीक को डिप्रेशन की ओर धकेल दिया।
प्रतीक यादव की मुश्किलें सिर्फ घर तक सीमित नहीं थीं। प्रतीक ने पिछले साल जुलाई में कृष्णानंद पांडेय नामक व्यक्ति के खिलाफ FIR दर्ज कराई थी। आरोप था कि कृष्णानंद ने करोड़ों के निवेश के बाद पैसे लौटाने के बजाय प्रतीक को फर्जी केस में फंसाने की धमकी दी और 5 करोड़ की रंगदारी मांगी। दूसरी तरफ, उनके साले अमन बिष्ट पर भी एक दूसरे कारोबारी ने 14 करोड़ की धोखाधड़ी का मामला दर्ज करा रखा था। इन कानूनी पचड़ों और पैसों के डूबने ने प्रतीक को मानसिक रूप से बहुत परेशान कर दिया था।
प्रतीक का एक बहुत बड़ा निवेश नोएडा के किसी बिल्डर के साथ भी फंसा हुआ था। उस कारोबारी ने प्रतीक के करोड़ों रुपए लौटाने से साफ मना कर दिया था, जिससे प्रतीक डिप्रेशन में चले गए थे। वह इस कदर परेशान थे कि अपनी दोनों बेटियों को लेकर इंग्लैंड शिफ्ट होने का मन बना चुके थे। वह बस अपना फंसा हुआ पैसा निकालना चाहते थे ताकि बाहर जाकर नई शुरुआत कर सकें।
तमाम विवादों और नाराजगी के बावजूद प्रतीक यादव के अंतिम समय में अमन बिष्ट उनके साथ दिखे। अस्पताल से लेकर पोस्टमॉर्टम हाउस तक अमन को प्रतीक के साथ देखा गया।