लखनऊ

Prateek Yadav Death: अस्पताल आने से पहले ही थम चुकी थी सांसें, डॉक्टर का बयान

Prateek Yadav Death News: प्रतीक यादव मौत मामले में नया खुलासा। डॉक्टर ने बताया कि सुबह 5:55 बजे प्रतीक को मृत अवस्था में अस्पताल लाया गया था। पुलिस जांच में जुटी। जानें पूरा मामला...

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May 13, 2026
अस्पताल पहुंचने से पहले ही थम चुकी थीं सांसें | फोटो सोर्स- ANI

Prateek Yadav Death News: प्रतीक यादव की मौत के मामले में एक चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। अस्पताल के डॉक्टरों ने खुलासा किया है कि जब प्रतीक को अस्पताल लाया गया, तब उनकी मृत्यु हो चुकी थी। इस खबर के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है और पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।

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सुबह 5:55 बजे का वो वक्त…

अस्पताल प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार, प्रतीक यादव को सुबह करीब 5:55 बजे इमरजेंसी वार्ड में लाया गया था। ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टरों ने तुरंत जांच की, लेकिन प्रतीक के शरीर में कोई हलचल नहीं थी। डॉक्टर का कहना है कि अस्पताल लाने से पहले ही उनकी मृत्यु हो चुकी थी।

पुलिस की कार्रवाई और पंचनामा

मामले की गंभीरता को देखते हुए अस्पताल प्रबंधन ने तुरंत स्थानीय पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची। जहां पर पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि मौत के असल कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल पाएगा।

परिजनों में कोहराम, जांच में जुटी पुलिस

प्रतीक की अचानक मौत से परिवार में मातम पसरा हुआ है। पुलिस अब इस एंगल से जांच कर रही है कि सुबह अस्पताल ले जाने से पहले प्रतीक के साथ क्या हुआ था। मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सपष्ट कारणों का पता चल पाएगा। फिलहाल, पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है ताकि आगे की कार्रवाई की जा सके।

फेफड़ों की जानलेवा बीमारी से जंग हार गए प्रतीक यादव

प्रतीक यादव पिछले कुछ समय से फेफड़ों की गंभीर बीमारी 'पल्मोनरी एम्बोलिज्म' से जूझ रहे थे, जिसके कारण उन्हें हाल ही में लखनऊ के एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती भी कराया गया था। इस बीमारी में शरीर के किसी हिस्से से खून का थक्का फेफड़ों की धमनियों में जाकर फंस जाता है, जिससे ब्लड सर्कुलेशन अचानक रुक जाता है और मरीज को सांस फूलना, सीने में तेज दर्द, खांसी और ऑक्सीजन लेवल गिरने जैसी गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ता है। हैरानी की बात यह है कि प्रतीक की हालत नाजुक होने के कारण उन्हें ICU में रखा गया था, लेकिन वे इलाज पूरा होने से पहले ही घर चले गए थे।

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