लखनऊ

प्रतीक यादव की मौत पत्नी अपर्णा यादव का पहला रिएक्शन, सोशल मीडिया पर छलका दर्द

प्रतीक यादव के निधन से यादव परिवार और समर्थकों में शोक की लहर है। अपर्णा यादव ने सोशल मीडिया पर अंतिम संस्कार की जानकारी साझा की।
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May 14, 2026
अपर्णा यादव का भावुक संदेश वायरल
अपर्णा यादव का भावुक संदेश वायरल Source- @aparnabisht7

Prateek Yadav Death News: समाजवादी पार्टी के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के बेटे प्रतीक यादव का निधन हो गया है। उनकी पत्नी अपर्णा यादव ने इस दुखद खबर को ट्वीट के जरिए साझा किया। पूरे परिवार और क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है।

अपर्णा यादव का रिएक्शन

अपर्णा यादव ने लिखा कि अत्यंत दुःख के साथ सूचित किया जाता है कि पद्म विभूषण पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय मुलायम सिंह यादव जी के सुपुत्र एवं हम सभी के प्रिय प्रतीक यादव जी का अंतिम संस्कार कल प्रातः 11 बजे बैकुंठ धाम (भैंसाकुंड) में संपन्न होगा। इस दुःखद घड़ी में आप सभी की गरिमामयी उपस्थिति प्रार्थनीय है।

क्षेत्र में छाया शोक

प्रतीक यादव के निधन की खबर फैलते ही पूरे इलाके में गहरा मातम छा गया। उनके ससुराल डुंडा बरसाली में भी शोक की लहर दौड़ गई। हर कोई स्तब्ध और दुखी नजर आ रहा है। अपर्णा यादव के मायके में भी जैसे ही यह सूचना पहुंची, पूरा माहौल गमगीन हो गया। परिवार के सदस्य और स्थानीय लोग दिवंगत की आत्मा को श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं। लोग ईश्वर से प्रार्थना कर रहे हैं कि दिवंगत आत्मा को शांति मिले और परिवार को इस बड़े दुख को सहन करने की शक्ति मिले।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट आई सामने

प्रतीक यादव की पोस्टमार्टम रिपोर्ट अब सार्वजनिक हो गई है। रिपोर्ट के अनुसार उनके शरीर पर कुल 6 चोटों के निशान मिले हैं। इनमें 5 चोटें दाएं हाथ पर, एक चोट छाती पर और बाईं कलाई पर है। डॉक्टरों का कहना है कि ये चोटें गिरने से लगी हैं और इनमें से कोई भी चोट जानलेवा नहीं थी।

मौत की असली वजह

डॉक्टरों के मुताबिक प्रतीक यादव की मौत 'पल्मोनरी एंबॉलिज्म' से हुई। शरीर में खून का एक बड़ा क्लॉट बन गया था, जो फेफड़ों की धमनियों में फंस गया। इससे ऑक्सीजन की सप्लाई रुक गई, सांस अचानक बंद हो गई और हार्ट पर दबाव बढ़ने से मौत हो गई।

चोटों की उम्र

रिपोर्ट में बताया गया है कि 3 चोटें 6-7 दिन पुरानी हैं, जबकि 3 चोटें करीब 1 दिन पहले की हैं। जानकारी के अनुसार, डॉक्टरों का कहना है कि 1 दिन पुरानी चोटों से मौत नहीं हो सकती। फिर भी यह सवाल उठ रहा है कि ये चोटें एक दिन पहले कैसे और किन हालात में लगीं। डॉक्टरों का एक पैनल इसकी भी समीक्षा कर रहा है।