Prateek Yadav Death: प्रतीक यादव के पोस्टमार्टम के बाद अंतिम संस्कार की तैयारियां तेज हो गई हैं। पारिवारिक परंपरा के अनुसार लखनऊ के पिपरा घाट श्मशान स्थल पर अंतिम संस्कार होने की संभावना जताई जा रही है।
Prateek Yadav Death Pipraghat: समाजवादी पार्टी संस्थापक स्वर्गीय Mulayam Singh Yadav के छोटे बेटे, सपा प्रमुख Akhilesh Yadav के सौतेले भाई और भाजपा नेता Aparna Yadav के पति प्रतीक यादव के निधन के बाद पूरे उत्तर प्रदेश में शोक की लहर है। बुधवार सुबह अचानक हुई उनकी मौत ने राजनीतिक और सामाजिक गलियारों को हिला कर रख दिया। 38 वर्षीय प्रतीक यादव के निधन के बाद अब अंतिम संस्कार की तैयारियां भी शुरू हो गई हैं।
KGMU में पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि प्रतीक यादव का अंतिम संस्कार आखिर कहां किया जाएगा और किस घाट पर उन्हें मुखाग्नि दी जाएगी। सूत्रों और पारिवारिक परंपराओं को देखते हुए अनुमान लगाया जा रहा है कि लखनऊ के पिपरा घाट श्मशान स्थल पर उनका अंतिम संस्कार किया जा सकता है।
लखनऊ में अंतिम संस्कार के लिए कई प्रमुख श्मशान घाट मौजूद हैं, जिनमें बैकुंठ धाम, गुलाला घाट, पलटन छावनी श्मशान घाट, सहारा श्मशान भूमि और पिपराघाट प्रमुख हैं। हालांकि यादव परिवार की पारंपरिक रीति और पिछले वर्षों की परिस्थितियों को देखते हुए पिपराघाट श्मशान स्थल का नाम सबसे आगे माना जा रहा है।
बताया जा रहा है कि Mulayam Singh Yadav परिवार के कई सदस्यों का अंतिम संस्कार पहले भी पिपराघाट पर ही किया गया था। यही वजह है कि समर्थक और प्रशासनिक सूत्र मान रहे हैं कि प्रतीक यादव का अंतिम संस्कार भी वहीं संपन्न कराया जा सकता है। हालांकि परिवार की ओर से अभी आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं और परिवार के करीबी लोगों के बीच यही चर्चा सबसे ज्यादा हो रही है।
प्रतीक यादव का पोस्टमार्टम KGMU में मेडिकल बोर्ड की निगरानी में किया गया। चार डॉक्टरों की विशेष टीम ने पोस्टमार्टम किया और पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी कराई गई। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारणों को लेकर स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।
पोस्टमार्टम पूरा होने के बाद अब अंतिम यात्रा और अंतिम संस्कार की तैयारियां तेज कर दी गई हैं। लखनऊ में यादव परिवार के आवास और समाजवादी पार्टी कार्यालय के बाहर समर्थकों की भीड़ लगातार बढ़ रही है।
पारिवारिक सूत्रों के अनुसार, बुधवार सुबह अचानक तबीयत बिगड़ने पर प्रतीक यादव को लखनऊ के सिविल अस्पताल ले जाया गया था। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
मौत की खबर सामने आते ही परिवार, समर्थकों और राजनीतिक नेताओं में शोक की लहर दौड़ गई। अखिलेश यादव तुरंत अस्पताल और बाद में पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। उन्होंने भाई के निधन को बेहद दुखद बताया और कहा कि परिवार इस समय गहरे सदमे में है।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने भी प्रतीक यादव के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया। मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी संदेश में दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई और परिवार को इस कठिन समय में धैर्य रखने की कामना की गई। राजनीतिक दलों के नेताओं ने भी शोक संदेश जारी किए हैं। समाजवादी पार्टी, भाजपा और अन्य दलों के कई नेताओं ने इस घटना को दुखद बताया।
सूत्रों के मुताबिक, जब प्रतीक यादव का निधन हुआ उस समय उनकी पत्नी Aparna Yadav उत्तर प्रदेश से बाहर थीं। घटना की सूचना मिलते ही वह तुरंत लखनऊ के लिए रवाना हुईं और अब परिवार के साथ मौजूद हैं। अस्पताल और आवास पर अपर्णा यादव को सांत्वना देने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। भाजपा और समाजवादी पार्टी दोनों दलों के नेताओं ने उनके प्रति संवेदना व्यक्त की है।
प्रतीक यादव की मौत को लेकर कई तरह की चर्चाएं भी शुरू हो गई हैं। सूत्रों के अनुसार, जब उन्हें अस्पताल लाया गया तो उनके हाथों की उंगलियों के नाखून नीले पड़े हुए बताए गए। इसी आधार पर कुछ लोग उनकी मौत को “अननेचुरल” यानी अस्वाभाविक मान रहे हैं।
हालांकि डॉक्टरों और प्रशासन की ओर से अभी तक किसी भी तरह की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और मेडिकल जांच के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जा सकता है। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों से बचने और जांच पूरी होने तक संयम बनाए रखने की अपील की है।
प्रतीक यादव के निधन की खबर के बाद समाजवादी पार्टी कार्यालय पर कार्यकर्ताओं और समर्थकों की भीड़ लगातार बढ़ रही है। पार्टी के वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता यादव परिवार के प्रति संवेदना जताने पहुंच रहे हैं। लखनऊ में कई जगहों पर समर्थकों ने शोक सभाएं भी आयोजित की हैं। सोशल मीडिया पर भी श्रद्धांजलि संदेशों की बाढ़ आ गई है।
प्रतीक यादव राजनीति से दूर रहते थे, लेकिन रियल एस्टेट और फिटनेस कारोबार में उनकी अच्छी पहचान थी। उन्हें फिटनेस का बेहद शौक था और लखनऊ में उनके जिम व्यवसाय की काफी चर्चा रहती थी। वे सोशल मीडिया पर भी सक्रिय रहते थे और फिटनेस से जुड़ी तस्वीरें और वीडियो साझा करते थे। कम उम्र में उनके निधन की खबर ने उनके परिचितों और समर्थकों को गहरा झटका दिया है।
प्रतीक यादव के निधन ने यादव परिवार के साथ-साथ पूरे प्रदेश को भावुक कर दिया है। हर किसी की जुबान पर यही सवाल है कि आखिर इतनी कम उम्र में ऐसा क्या हुआ, जिसने एक स्वस्थ और सक्रिय व्यक्ति की जान ले ली।
अब सभी की निगाहें अंतिम संस्कार और पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी हैं। माना जा रहा है कि पिपराघाट श्मशान स्थल पर पूरे राजकीय और सामाजिक सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जा सकता है। लखनऊ में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है और प्रशासन पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए है। यादव परिवार के समर्थकों और शुभचिंतकों का लगातार पहुंचना जारी है, जिससे पूरे शहर में शोक और संवेदना का माहौल बना हुआ है।