लखनऊ

प्रतीक यादव के निधन के बाद पैतृक घर के बाहर सन्नाटा, परिवार के लोग लखनऊ के लिए रवाना

Prateek Yadav passes away: लखनऊ में प्रतीक यादव के निधन से शोक की लहर दौड़ गई जो पिछले कई दिनों से बीमार चल रहे थे। वहीं अभी प्रतीक का पोस्टमार्टम रिपोर्ट आना बाकी है।
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May 13, 2026
पिता मुलायम सिंह यादव के साथ प्रतीक यादव, फोटो सोर्स- X विधायक डॉक्टर वीरेंद्र यादव
फोटो सोर्स- X विधायक डॉक्टर वीरेंद्र यादव

Prateek Yadav passes away: प्रतीक यादव के निधन के बाद सैफई स्थित पैतृक घर के बाहर मातम और सन्नाटा पसरा है। परिवार के अधिकांश सदस्य लखनऊ रवाना हो चुके हैं। पिछले साल नवंबर में प्रतीक एक शादी समारोह में शामिल होने सैफई आए थे। बता दें कि 38 साल की उम्र में प्रतीक यादव का निधन हुआ है, जो काफी समय से बीमार चल रहे थे। जिनको इलाज के लिए लखनऊ के मेदांता हॉस्पिटल में भी भर्ती कराया गया था। सपा प्रमुख अखिलेश यादव भी मिलने के लिए गए थे।

तबीयत में सुधार होने के बाद उन्हें वापस घर ले आया गया था। आज सुबह उनकी तबीयत एक बार फिर बिगड़ गई। इलाज के लिए सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत्यु घोषित कर दी। प्रतीक यादव के निधन से राजनीतिक गलियारे में शोक की लहर दौड़ गई। उनकी पत्नी अर्पणा यादव बीजेपी सरकार में उत्तर प्रदेश महिला आयोग की उपाध्यक्ष है।

राजनीति से दूरी बनाए रखा

उत्तर प्रदेश के लखनऊ के सिविल अस्पताल में सपा मुखिया अखिलेश यादव के सौतेले भाई प्रतीक यादव ने अंतिम सांस ली। प्रतीक यादव का मुलायम सिंह परिवार में खास स्थान था, जिन्होंने राजनीति से दूरी बनाए रखी, अपने फिटनेस का विशेष ध्यान रखते थे और बिजनेस से उनका विशेष लगाव था। लोगों के बीच उनकी अच्छी छवि थी और वह काफी मिलनसार भी थे। सामाजिक कार्यों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते थे और विवादों से दूर रहते थे।

प्रतीक यादव का पारिवारिक पृष्ठभूमि

प्रतीक यादव मुलायम सिंह यादव की दूसरी पत्नी साधना गुप्ता के बेटे थे। उन्होंने लीड्स विश्वविद्यालय ब्रिटेन में पढ़ाई की और फिटनेस इंडस्ट्री के साथ रियल एस्टेट में अपनी पहचान बनाई। राजनीतिक पृष्ठभूमि में पले-बढ़े प्रतीक यादव का राजनीति से कभी जुड़ाव नहीं रहा। उन्होंने अपनी पहचान फिटनेस बॉय के रूप में बनाई और अपने व्यापार पर ध्यान देते थे।

लखनऊ में जिम चलाते थे

लखनऊ में 'द फिटनेस प्लेनेट' नाम से जिम चलाते थे और सोशल मीडिया पर अपनी फिटनेस और लाइफस्टाइल से लोगों को जागरुक करते थे। उनके अपनों का मानना है कि प्रतीक यादव काफी अनुशासित रहते थे। जीव प्रेमी के रूप में भी उनकी पहचान थी। उन्होंने 'जीव आश्रय' नाम से एनजीओ बनाई, जिसके माध्यम से वे घायल और बेसहारा पशुओं की मदद करते थे।

पशु प्रेमी के रूप में भी जाने जाते थे

एनजीओ के माध्यम से स्ट्रीट डॉग्स और पशु-पक्षियों के रेस्क्यू कर उनके उपचार और देखभाल की जिम्मेदारी उठते थे। उनके भोजन की भी व्यवस्था की जाती थी। ‌इस कार्य में अन्य संस्थाओं और पशु प्रेमियों की भी मदद लेते थे। प्रतीक यादव की मौत की खबर से लोगों में शोक की लहर दौड़ गई, बड़ी संख्या में अपने उनके घर में पहुंचने लगे। लोगों की आंखें नम हैं। विधायक डॉ वीरेंद्र यादव ने प्रतीक यादव की मुलायम सिंह यादव के साथ फोटो शेयर की है। जिसमें उन्होंने लिखा कि प्रतीक यादव के निधन का समाचार बहुत ही दुखद है। इस दुख की घड़ी में ईश्वर परिवारी जनों को दुख सहने की ताकत प्रदान करें। ‌