
Rahul Gandhi, Priyanka Gandhi Vadra FIR:लखनऊ में राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और अन्य विपक्षी सांसदों के खिलाफ दर्ज FIR को लेकर कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने बयान दिया है। ओपी राजभर ने इस कार्रवाई को सही कदम बताया। राजभर ने कहा कि अगर कोई सरकारी संस्थान में जबरन घुसकर तोड़फोड़ करता है तो उसकी गिरफ्तारी होगी और उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में पुलिस की ओर से कार्रवाई होना स्वाभाविक है।
दिल्ली पुलिस के मुताबिक, विपक्षी सांसदों ने संसद भवन से निर्वाचन सदन तक मार्च निकालने की योजना बनाई थी। पुलिस का कहना है कि इस मार्च के लिए कोई आधिकारिक अनुमति नहीं ली गई थी। प्रदर्शनकारी जब चुनाव आयोग के कार्यालय की ओर बढ़े तो पुलिस ने रास्ते में बैरिकेड लगा दिए। इसके बाद कई विपक्षी नेता वहीं सड़क पर बैठ गए। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को वहां से हटाने की कोशिश की। इसी दौरान कुछ कांग्रेस नेता आकाशवाणी भवन परिसर में पहुंच गए और वहां विरोध जारी रखा।
पुलिस के अनुसार, आकाशवाणी भवन परिसर में मौजूद प्रदर्शनकारियों से जगह खाली करने के लिए कहा गया था। हालांकि, प्रदर्शनकारी वहां से हटने के लिए तैयार नहीं हुए। उनकी मांग थी कि सांसदों के एक प्रतिनिधिमंडल को चुनाव आयोग के अधिकारियों से मुलाकात करने की अनुमति दी जाए। विरोध के दौरान परिसर में कांग्रेस के कई नेता मौजूद रहे। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच बातचीत के बाद भी जब धरना खत्म नहीं हुआ तो पुलिस ने उन्हें वहां से हटाने की कार्रवाई शुरू की। करीब आठ घंटे तक चले गतिरोध के बाद पुलिस ने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और अन्य नेताओं को हिरासत में लिया।
पुलिस के मुताबिक, पूरे दिन चले प्रदर्शन के दौरान करीब 260 लोगों को हिरासत में लिया गया। इनमें 10 सांसद भी शामिल थे। हिरासत में लिए गए लोगों को किंग्सवे कैंप स्थित नई पुलिस लाइन्स ले जाया गया। बाद में सभी को छोड़ दिया गया।
आकाशवाणी भवन परिसर में प्रवेश और वहां विरोध प्रदर्शन को लेकर अब दिल्ली पुलिस ने मामला दर्ज किया है। FIR में राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा समेत अन्य लोगों के नाम शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, दोनों नेता बिना अनुमति परिसर में पहुंचे थे। मामले में किन-किन धाराओं के तहत FIR दर्ज की गई है, इसकी पूरी जानकारी अभी सामने नहीं आई है।