
RDSO New Scheme रेलवे जल्द ही यूपी सहित पूरे देश के ट्रेन यात्रियों को एक तोहफा देने जा रही है। बस कुछ इंतजार कीजिए आने वाले दिनों में लखनऊ से दिल्ली का सफर मात्र 2.5 घंटे पूरा हो जाएगा। रेलवे अब ट्रेनों की स्पीड बढ़ाने पर काम कर रही है। रेलवे की रिसर्च विंंग अनुसंधान अभिकल्प और मानक संगठन (RDSO) देश में ट्रेन की स्पीड बढ़ाकर 200 किमी प्रति घंटे करने जा रही है। इसके लिए 100 ट्रेन सेट खरीदने की तैयारी शुरू कर दी है। देश में इस वक्त राजधानी और शताब्दी जैसी कई एक्सप्रेस ट्रेन सिर्फ 130 मिनी प्रति घंटे तक की रफ्तार से पटरियों पर दौड़ती हैं। ट्रेन की स्पीड अगर 200 किमी प्रति घंटा हो जाएगी तो लखनऊ से दिल्ली का सफर 2.30 घंटे में पूरा हो जाएगा जबकि दिल्ली से पटना 5 घंटे और दिल्ली से मुंबई 7 घंटे में पहुंचा सकेंगे। आने वाले दिनों में ट्रेन का सफर हवाई जहाज को टक्कर देने लगेगा।
ट्रायल पर तेजी से काम
आरडीएसओ महानिदेशक संजीव भुटानी ने बताया कि, आरडीएसओ 200 किमी प्रति घंटा की स्पीड से ट्रेन चलाने के लिए 100 ट्रेन सेट खरीदने की तैयारी कर रहा है। इसके लिए नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है। आरडीएसओ में दोनों सिरों पर पावर यूनिट लगाई गई है। ट्रेन सेट का पटरियों पर ट्रायल करने के लिए तेजी से काम चल रहा है।
कवच का सफल परीक्षण
संजीव भुटानी ने आगे बताया कि, आरडीएसओ ने ट्रेनों के टकराव को रोकने के लिए कवच का सफल परीक्षण बीते 4 मार्च 2022 को पूरा कर लिया है। यह कवच ट्रेन में इसी साल से लगना शुरू हो जाएगा। इससे आने वाले दिनों में रेल दुर्घटना की संभावना काफी कम हो जाएगी और यह यात्रियों का सफर बेहतर और सुरक्षित करेगा।
स्टार्टअप संस्थाओं को देगा अवसर
महानिदेशक संजीव भुटानी ने बताया कि, आत्मनिर्भर भारत व मेक इन इंडिया के अतर्गत भारतीय रेलवे इनोवेशन को प्रोत्साहित करने के लिए स्टार्टअप करने वाली संस्थाओं को अवसर देगा। रेलवे के लिए स्टार्टअप्स योजना के तहत रेल लाइन के टूटने, लाइन में तनाव के प्रबंधन के सिस्टम और उपनगरीय सेक्शन के लिए हेडवे में सुधार सहित 11 समस्याओं को दूर करने के लिए स्टार्टअप उद्यमियों से प्रस्ताव मांगे गए हैं। स्टार्टअप्स को अधिकतम 1.5 करोड़ रुपए का अनुदान दिया जाएगा।
130 किमी की रफ्तार से मालगाड़ी भी दौड़ेंगी
भुटानी ने बताया कि, राजधानी ट्रेनों की तरह खाली मालगाड़ी को 130 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से दौड़ाने के लिए डिजाइन और स्पेसिफिकेशन का काम हो रहा है। रेलवे अस्सी हजार वैगन के साथ नौ हजार हार्सपावर वाले 1200 लोकोमोटिव इंजन दाहोद और 12 हजार हार्सपावर वाले 800 लोकोमोटिव बनारस लोकोमोटिव वर्कशाप में बनाएगा।