लखनऊ

कौन हैं राजीव कुमार त्रिपाठी? डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के ‘साले साहब’ ने किया अब अखिलेश के साथ खड़े होने का ऐलान

Rajiv Kumar Tripathi: राजीव कुमार त्रिपाठी कौन हैं, जिनकी फेसबुक पोस्ट ने यूपी की सियासत में हलचल बढ़ा दी है? डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के सगे साले राजीव ने 2027 में सपा के समर्थन का ऐलान किया है।
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Sep 01, 2026
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डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के सगे साले राजीव कुमार त्रिपाठी

Who is Rajiv Kumar Tripathi: उत्तर प्रदेश की सियासत में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले रिश्तों और राजनीति का एक दिलचस्प मामला चर्चा में है। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के सगे साले राजीव कुमार त्रिपाठी ने समाजवादी पार्टी के समर्थन में खुलकर उतरने का ऐलान किया है। राजीव त्रिपाठी ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए कहा है कि वह 2027 के विधानसभा चुनाव में सपा के लिए प्रचार करेंगे और पार्टी की पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने में योगदान देंगे।

फोटो सोर्स-फेसबुक (Rajeev Kumar Tripathi)

कौन हैं राजीव कुमार त्रिपाठी?

राजीव कुमार त्रिपाठी का नाम अचानक यूपी की सियासत में इसलिए चर्चा में आया है क्योंकि उनका सीधा पारिवारिक रिश्ता बीजेपी सरकार के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक से है। राजीव, ब्रजेश पाठक की पत्नी नम्रता पाठक के छोटे भाई हैं। यानी ब्रजेश पाठक उनके जीजा हैं। राजीव ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में खुद इस पारिवारिक रिश्ते का जिक्र किया है। हालांकि राजनीति के मामले में उन्होंने अपने परिवार से अलग रास्ता चुनने की बात साफ कर दी है। उनका कहना है कि राजनीतिक वजहों से उनका अपनी बहन और जीजा से कोई राजनीतिक संबंध नहीं है।

अब सपा के लिए प्रचार करेंगे राजीव

राजीव त्रिपाठी ने अपनी पोस्ट में समाजवादी पार्टी की विचारधारा के साथ जुड़कर काम करने की बात कही है। उन्होंने कहा कि वह सपा के प्रचार और पार्टी के विस्तार के लिए सक्रिय भूमिका निभाएंगे। खास बात यह है कि उन्होंने सिर्फ समर्थन तक बात सीमित नहीं रखी, बल्कि 2027 में सपा की पूर्ण बहुमत वाली सरकार बनाने में योगदान देने की बात भी कही है।

बहन और जीजा से भी मांगी माफी

राजीव त्रिपाठी ने अपनी पोस्ट में अपने फैसले का पारिवारिक असर भी स्वीकार किया। उन्होंने लिखा कि उनके इस राजनीतिक कदम से अगर उनकी बड़ी बहन नम्रता पाठक और जीजा ब्रजेश पाठक को किसी तरह का दुख पहुंचा हो तो वह उनसे माफी मांगते हैं। इससे साफ है कि राजीव ने अपने राजनीतिक रुख को पारिवारिक रिश्तों से अलग रखने की कोशिश की है।

जातीय राजनीति से दूरी की बात

राजीव त्रिपाठी ने अपने राजनीतिक संदेश में जातीय समीकरणों से आगे बढ़कर समाजवादी विचारधारा को सभी वर्गों तक ले जाने की बात कही। उन्होंने कहा कि वह जातिवाद को ध्यान में रखे बिना अलग-अलग जातियों के बीच समाजवाद की विचारधारा का प्रचार करेंगे।

2027 से पहले क्यों अहम है यह मामला?

यूपी में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर बीजेपी और सपा दोनों अपने संगठन को मजबूत करने में जुटे हैं। ऐसे समय में सत्ता पक्ष के एक बड़े नेता के करीबी पारिवारिक सदस्य का विपक्षी दल के समर्थन में खुलकर सामने आना राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया है। हालांकि राजीव कुमार त्रिपाठी के किसी औपचारिक सपा पद या चुनावी टिकट की जानकारी इस पोस्ट से सामने नहीं आती। फिलहाल उनका ऐलान सपा के लिए प्रचार और पार्टी को मजबूत करने तक है। इसलिए इसे सीधे तौर पर किसी राजनीतिक पद या चुनावी उम्मीदवारी से जोड़ना उचित नहीं होगा।

Updated on:
01 Sept 2026 12:05 pm
Published on:
01 Sept 2026 12:05 pm