लखनऊ

राम मंदिर चढ़ावा मामले में चंपत राय को लेकर फिर गरमाया विवाद, 2 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट सुनेगा याचिका

Ram Mandir Donation Dispute Row: अयोध्या राम मंदिर के चढ़ावे और दान में कथित अनियमितताओं से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट 2 नवंबर को सुनवाई करेगा। अखिल भारत हिंदू महासभा ने चंपत राय और अन्य के खिलाफ कार्रवाई के साथ ट्रस्ट के पुनर्गठन की मांग की है।
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Oct 01, 2026
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चंपत राय फोटो सोर्स- पत्रिका न्यूज

Ram Mandir Donation Dispute Row: अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे और दान में कथित अनियमितताओं से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट 2 नवंबर को सुनवाई करेगा। मामला श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय और अन्य के खिलाफ कार्रवाई की मांग से जुड़ा है।

अखिल भारत हिंदू महासभा ने दायर की याचिका

यह याचिका अखिल भारत हिंदू महासभा की ओर से दायर की गई है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि चंपत राय राम मंदिर निर्माण के लिए मिले चंदे में कथित अनियमितताओं और मंदिर के आसपास जमीन की कथित अवैध खरीद में शामिल रहे हैं। याचिका में चंपत राय और अन्य दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की गई है। इसके अलावा मौजूदा ट्रस्ट को भंग कर उसका पूरी तरह पुनर्गठन करने की मांग भी की गई है।

पहले से लंबित याचिकाओं के साथ होगी सुनवाई

यह मामला भारत के मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली पीठ के सामने आया। पीठ ने कहा कि याचिका को राम मंदिर चंदे की कथित हेराफेरी से संबंधित पहले से लंबित याचिकाओं के साथ सुना जाएगा। सुप्रीम कोर्ट ने सभी संबंधित मामलों की सुनवाई के लिए 2 नवंबर की तारीख तय की है।

चढ़ावे और दान में कथित हेराफेरी का आरोप

बता दें कि मामला अयोध्या के राम मंदिर में श्रद्धालुओं की ओर से दिए जाने वाले चढ़ावे और दान से जुड़ा है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि मंदिर में आने वाले कैश, नोटों और सिक्कों की गिनती के दौरान कथित तौर पर हेरफेर और चोरी की गई। याचिका में कहा गया है कि श्रद्धालु रामलला के लिए श्रद्धा के साथ दान देते हैं, लेकिन इसी चढ़ावे में कथित गड़बड़ी को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं।

ट्रस्ट के पुनर्गठन की भी मांग

अखिल भारत हिंदू महासभा का कहना है कि राम मंदिर करोड़ों हिंदुओं की आस्था का केंद्र है। संगठन के मुताबिक, मंदिर के चढ़ावे में किसी भी तरह की अनियमितता नहीं होनी चाहिए। याचिका में कथित अनियमितताओं के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई के साथ-साथ ट्रस्ट में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए उसके पुनर्गठन की मांग की गई है। अब इस मामले में 2 नवंबर को होने वाली सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई पर नजर रहेगी।

Updated on:
01 Oct 2026 02:05 pm
Published on:
01 Oct 2026 01:42 pm