
लखनऊ: राम मंदिर को लेकर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के हालिया बयान पर उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव को राम मंदिर और अयोध्या पर टिप्पणी करने से पहले भगवान राम के दर्शन करने चाहिए।
राजभर ने कहा कि पूरा देश जानता है कि अखिलेश यादव अब तक रामलला के दर्शन के लिए अयोध्या नहीं गए हैं। ऐसे में राम मंदिर और उससे जुड़े मुद्दों पर उनके बयानों को जनता गंभीरता से नहीं ले रही है। उन्होंने कहा कि भगवान राम का भव्य मंदिर 500 वर्षों के लंबे संघर्ष, त्याग और करोड़ों लोगों की आस्था के बाद बना है। ऐसे में मंदिर को लेकर विपक्षी नेताओं की टिप्पणियां लोगों की धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाली और उनकी आस्था का मजाक उड़ाने जैसी प्रतीत होती हैं।
उन्होंने कहा कि राम मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था और सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक है। इसलिए इस विषय पर राजनीति करने के बजाय सभी दलों को श्रद्धा और संवेदनशीलता के साथ अपनी बात रखनी चाहिए।
ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष को केवल राम मंदिर के मुद्दे पर राजनीति करने के बजाय पिछड़े वर्गों, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी चर्चा करनी चाहिए। उन्होंने सवाल किया कि पिछड़े वर्गों को मिलने वाले 27 प्रतिशत आरक्षण के बंटवारे और उनके अधिकारों को लेकर विपक्ष कभी गंभीर बहस क्यों नहीं करता।
राजभर ने कहा कि यदि विपक्ष वास्तव में जनता के हितों की चिंता करता है तो उसे युवाओं के रोजगार, गरीबों की शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और सामाजिक न्याय जैसे मुद्दों पर अपनी स्पष्ट नीति सामने रखनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी और कांग्रेस जनता के बुनियादी मुद्दों से ध्यान हटाकर केवल राजनीतिक बयानबाजी में लगी हुई हैं।
राम मंदिर से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर उत्तर प्रदेश की राजनीति में लगातार बयानबाजी देखने को मिल रही है। एक ओर विपक्ष सरकार और ट्रस्ट की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहा है, वहीं सत्तापक्ष इसे आस्था से जुड़ा विषय बताते हुए विपक्ष के आरोपों को राजनीतिक प्रेरित बता रहा है।
ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि जनता सब कुछ देख और समझ रही है। उन्होंने दावा किया कि देश और प्रदेश की जनता भगवान राम के प्रति अपनी आस्था को सर्वोपरि मानती है और राम मंदिर को लेकर की जाने वाली राजनीतिक बयानबाजी का उचित जवाब लोकतांत्रिक तरीके से देगी।