राजधानी में आयोजित पुलिस वीक की तीसरे दिन आज परेड में उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ और राज्यपाल राम नाईक एक साथ पहुंचे।
लखनऊ. राजधानी में आयोजित पुलिस वीक की तीसरे दिन आज परेड में उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ और राज्यपाल राम नाईक एक साथ पहुंचे। आज परेड में 49 पुलिसकर्मियों और अधिकारियों को वीरता व पुलिस पदक से सम्मानित किया गया। वैसे यह पहला मौका था जब पुलिस की परेड में प्रदेश का सीएम ने शिरकत की हो। डीजीपी ओपी सिंह ने सीएम योगी और राज्यपाल का स्वागत किया। इस दौरान डीजीपी ने राज्यपाल को पुलिस हैट भेंट की जिसे उन्होंने खुशी से पहना।
49 पुलिसकर्मियों को मिला सम्मान-
परेड में 49 पुलिसकर्मियों और अधिकारियों को वीरता पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इनमें 30 वीरता और 19 पुलिस पदक दिए गए। वीरता पदक से सम्मानित होने वालों में एडीजी कानपुर जोन अविनाश चंद्र, एडीजी ईओडब्ल्यू अभय प्रसाद, रिटायर्ड डीआईजी देवेंद्र कुमार चौधरी, इंस्पेक्टर दिलीप सिंह शामिल रहे। इस दौरान राज्यपाल ने सबसे पहले सलामी दी और पुलिसकर्मियों को सम्मानित किया। राम नाईक ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि इस परेड के आयोजन के लिए सभी लोग बधाई के पात्र हैं। आप सभी की मेहनत के बाद यह सम्मान देने का समय आता है। पिछले एक वर्ष में 91 प्रतिशत अपराधियों को सजा हुई। यह बड़े गर्व की बात है।
आंदोलन में सामान्य जन को नुकसान नहीं पहुंचना चाहिये- राज्यपाल
राज्यपाल रामनाईक ने देश में आए दिन हो रहे आंदोलन पर कहा कि आंदोलन करना जनतंत्र का अधिकार है। पर आंदोलन की एक लक्ष्मण रेखा होती है। किसी भी आंदोलन में सामान्य जन को नुकसान नहीं पहुंचना चाहिये। इससे पहले उन्होंने सीएम योगी के कार्यक्रम में आने पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि ख़ुशी है की सीएम खुद अपने मंत्रिमंडल को इस परेड में साथ लाए। ये खोज का विषय हो सकता है कि इससे पहले कब कोई सीएम और राज्यपाल एक साथ वार्षिक रैतिक परेड में आये हो। उन वीर शहीदों को श्रद्धांजलि जो अपनी ड्यूटी निभाते वक्त कुर्बान हुए। उनकी कुर्बानी कभी भी व्यर्थ नहीं जाएगी। पिछले 4 वर्षों में राज्यपाल रहते 4 परेड देख चुका हूँ। पुलिस परिवार के लिए ये यादगार होता है। जब मैं कार से उतरा तो सर पर टोपी लगाई गई, इससे मैं गौरव महसूस करता हूँ।
राष्ट्रगान के दौरान पकवान पर टूटते नजर आए वरिष्ठ पुलिस अधिकारी-
कार्यकर्म के दौरान कुछ ऐसा भी हुआ जिसकी अपेक्षा आमतौर पर वरिष्ठ पुलिस अफसरों से नहीं की जाती है। समारोह के दौरान जब देश के सम्मान में राष्ट्रगान बजना शुरू हुआ, तब सीएम, राज्यपाल व डीजीपी समेत सभी लोग सावधान की मुद्रा में खड़े थे, लेकिन कुछ पुलिस अधिकारी वहां पास में फूड कोर्ट में खाने का लुफ्त उठा रहे थे। कई और अफसर राष्ट्रगान बजने के बावजूद वहां घूम रहे थे व अपनी पसंद के व्यंजन ढूंढ रहे थे।