लखनऊ

यूपी में नदियों का कहर: 15 लोगों की मौत, कई इलाकों में बाढ़ की गंभीर स्थिति

Weather Update: प्रदेश के कई हिस्सों में पिछले एक सप्ताह से हो रही मूसलाधार बारिश और नेपाल से छोड़े जा रहे पानी के कारण गंगा, रामगंगा, शारदा, राप्ती, सरयू और गंडक नदियां उफान पर हैं। इस वजह से उत्तर प्रदेश और बिहार में बाढ़ की स्थिति सोमवार को बेहद गंभीर हो गई।

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Jul 09, 2024

Weather Update: राप्ती नदी ने बलरामपुर और श्रावस्ती के कई गांवों को जलमग्न कर दिया है। सोमवार तड़के बनबसा बैराज से शारदा नदी में पानी छोड़े जाने के बाद पीलीभीत और लखीमपुर जिले में संकट की स्थिति पैदा हो गई। पीलीभीत में नवनिर्मित माला-शाहगढ़ मार्ग पर बनी पुलिया पानी में बह गई, जिससे पूरा रेलवे ट्रैक हवा में लटक गया।

प्रदेश में डूबने और आकाशीय बिजली गिरने से 15 लोगों की मौत हो चुकी है। आकाशीय बिजली से चार, अतिवृष्टि से दो, सांप काटने से एक और डूबने से आठ लोगों की मौतें हुई हैं। लगातार बारिश और बाढ़ से बलरामपुर में दो बच्चे, अयोध्या और सीतापुर में एक-एक युवक पानी में डूब गए। वहीं, पीलीभीत की फरीदपुर तहसील में तीन लोग उफनाए नाले में डूब गए।

उत्तर प्रदेश के छह जिलों में बाढ़ राहत कार्य युद्धस्तर पर

लखनऊ। प्रदेश के छह जिले - गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, कुशीनगर, पीलीभीत और लखीमपुर खीरी - बाढ़ की चपेट में हैं। राहत आयुक्त जीएस नवीन कुमार के अनुसार, बाढ़ प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है और उनके रहने व खाने की व्यवस्था की जा रही है।

बलरामपुर में राप्ती नदी के किनारे स्थित 150 गांव पानी से घिरे हैं जबकि चार दर्जन गांवों में पानी घुस गया है। गोंडा में दो तहसीलें बाढ़ की चपेट में हैं। दो नावों की सहायता से 31 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।

Updated on:
09 Jul 2024 11:20 am
Published on:
09 Jul 2024 10:58 am
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