लखनऊ

’27 में अखिलेश का राज, 29 में डिंपल का ताज’, सपा दफ्तर के बाहर लगे पोस्टरों ने बढ़ाई सियासी हलचल

लखनऊ स्थित समाजवादी पार्टी मुख्यालय के बाहर नए पोस्टर लगाए गए हैं, जिनमें चंदा विवाद और आरक्षण के मुद्दे पर तीखा हमला करने के साथ 2027 और 2029 के चुनावों को लेकर बड़ा संदेश दिया गया है।
2 min read
Jul 31, 2026
akhilesh

उत्तर प्रदेश की राजनीति में पोस्टर वॉर एक बार फिर चर्चा के केंद्र में है। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद छात्र आंदोलन को अपनी जीत बताने वाली होर्डिंग्स अभी चर्चा में ही थीं कि अब समाजवादी पार्टी के प्रदेश मुख्यालय के बाहर लगे नए पोस्टरों ने सियासी संदेशों को और धार दे दी है। इन पोस्टरों में न सिर्फ भाजपा पर निशाना साधा गया है, बल्कि 2027 के विधानसभा चुनाव और 2029 के लोकसभा चुनाव को लेकर भी बड़ा राजनीतिक संकेत देने की कोशिश की गई है।

सपा कार्यालय के बाहर लगाए गए एक पोस्टर पर लिखा है कि चंदा चोरी से चला जिनका घर, अब आरक्षण पर कर रहे हैं प्रश्न। वहीं, पास में ही लगे दूसरे पोस्टर पर संदेश दर्ज है कि चंदा चोरी से जिनका नहीं भरा मन, अब आरक्षण पर कर रहे हैं मनमाना।

इसके अलावा, एक अन्य पोस्टर में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और मैनपुरी सांसद डिंपल यादव की तस्वीरें लगाई गई हैं। इस पोस्टर पर लिखा है, "27 में अखिलेश का राज, 29 में डिंपल यादव का ताज।" यह सभी पोस्टर प्रतापगढ़ से सपा नेता और 'समाजवादी सेवक' हल्लू राम सुंदर यादव की ओर से लगाए गए हैं।

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर भी लगाया गया था पोस्टर

इससे पहले, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद भी सपा मुख्यालय के बाहर एक बड़ी होर्डिंग लगाई गई थी। उस होर्डिंग में धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को छात्रों के आंदोलन और जनशक्ति की जीत बताया गया था। साथ ही, आंदोलन में शामिल छात्रों, पार्टी कार्यकर्ताओं, पदाधिकारियों और जनता के प्रति आभार व्यक्त किया गया था।

धन्यवाद पत्र के रूप में लगाई गई उस होर्डिंग में अखिलेश यादव और डिंपल यादव के नेतृत्व के प्रति आभार जताया गया था और भविष्य में भी जनहित व युवाओं के मुद्दों पर संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिखा गया था।

खबर अपडेट हो रही है....

Updated on:
31 Jul 2026 09:24 am
Published on:
31 Jul 2026 09:21 am