कभी बसपा सुप्रीमो मायावती के खासम खास व दाहिना हाथ रहे नसीमुद्दीन सिद्दकी जल्द ही समाजवादी पार्टी (सपा) ज्वाइंन कर सकते हैं।
लखनऊ. कभी बसपा सुप्रीमो मायावती के खासम खास व दाहिना हाथ रहे नसीमुद्दीन सिद्दकी जल्द ही समाजवादी पार्टी (सपा) ज्वाइंन कर सकते हैं। वे अपनी पार्टी राष्ट्रीय बहुजन मोर्चा का विलय सपा में करेंगे। सिद्दीकी का सपा अध्यक्ष व प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के साथ जाना लगभग तय हो गया है। सूत्र बताते हैं कि इस संबंध में नसीमुद्दीन सिद्दकी व पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के बीच चर्चा हो चुकी है। बस अब पार्टी ज्वाइंन करने की औपचारिकता बाकी है।
सूत्र बताते हैं कि बसपा के पूर्व कद्दावर नेता सिद्दकी पांच अक्टूबर को ताज नगरी आगरा में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अधिवेशन में अपने समर्थकों के साथ शामिल होंगे। इसी दौरान उन्हें पार्टी में शामिल किया जाएगा। बताया जा रहा है कि सपा ज्वाइन करने के संबंध में सिद्दकी ने अपने समर्थकों से भी बात कर ली है। सपा में सिद्दकी के साथ हजारों समर्थक भी सपा में शामिल होंगे। मालूम हो कि सपा के इस राष्ट्रीय अधिवेशन में समाजवादी पार्टी के नए अध्यक्ष के नाम पर भी मुहर लगना है। हालांकि, अखिलेश यादव का दोबारा पार्टी का अध्यक्ष बनना तय माना जा रहा है।
पार्टी की छवि खराब करने का मायावती ने लगाया था आरोप
मालूम हो कि मई २०१७ में बसपा सुप्रीमो मायावती ने नसीमुद्दीन सिद्दकी पर पार्टी की छवि खराब करने व पैसा लेने का आरोप लगाकर बर्खास्त कर दिया था। इसके बाद कई दिनों तक मायावती और सिद्दकी में आरोप-प्रत्यारोप का दौर चला था। कुछ दिनों बाद सिद्दीकी ने अपनी खुद की पार्टी राष्ट्रीय बहुजन मोर्चा का गठन कर लिया था।
मायावती से जान को बताया था खतरा
बहुजन समाज पार्टी (बसपा) से निकाले जाने के बाद पार्टी के दिग्गज नेता नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने राष्ट्रीय बहुजन मोर्चा नाम से नई पार्टी का गठन किया था। नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने बसपा से अलग होने के बाद मायावती पर भ्रष्टाचार के कई गंभीर आरोप भी लगाए थे। उन्होंने यह भी कहा था कि उनकी और उनके परिवार की जान को मायावती के लोगों से खतरा है। इस संबंध में उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी मुलाकात की सुरक्षा की मांग की थी।