इटावा के जसवंतनगर से सपा विधायक शिवपाल यादव ने समाजवादी सेक्युलर मोर्चे का गठन कर दिया है...
लखनऊ. इटावा के जसवंतनगर से सपा विधायक शिवपाल यादव ने समाजवादी सेक्युलर मोर्चे का गठन कर दिया है। शिवपाल यादव ने कहा कि उन्होंने एक सेक्युलर मोर्चे का गठन किया न कि समाजवादी पार्टी से छोड़ी है। शिवपाल ने बीजेपी में शामिल होने की अटकलों को भी बेबुनियाद बताया। कहा कि समाजवादी सेक्युलर मोर्चे में सपा से उपेक्षित लोगों को शामिल किया जाएगा, साथ यूपी के सेकुयलर छोटे दलों को भी इस मोर्चे के साथ जोड़ेंगे। माना जा रहा है कि भविष्य में शिवपाल यादव का यह मोर्चा लोकसभा चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी के लिए मुसीबत बन सकता है। आइए जानते हैं कि आखिर शिवपाल का समाजवादी सेक्युलर मोर्चा समाजवादी पार्टी को कितना नुकसान पहुंचा सकता है?
2017 के विधानसभा चुनाव से ठीक पहले परिवार की रार के बीच शिवपाल यादव समर्थकों ने 'शिवपाल फैंस एसोसिएशन' संगठन बनाया था। यह संगठन पूरे उत्तर प्रदेश में विस्तार कर रहा है। प्रदेश के 75 से 50 जिलों में इस संगठन के पदाधिकारी नियुक्त हो चुके हैं। 'शिवपाल फैंस एसोसिएशन' से जुड़े कार्यकर्ताओं की संख्या करीब एक लाख बताई जा रही है। संभावना है कि 'शिवपाल फैंस एसोसिएशन' का समाजवादी सेक्युलर मोर्चे में विलय हो जाये। 'शिवपाल फैंस एसोसिएशन' में वही कार्यकर्ता जुड़े हैं जो अभी तक समाजवादी पार्टी को जिताने का काम करते रहे हैं। ऐसे में अगर शिवपाल यादव का यह मोर्चा सपा के खिलाफ खड़ा हो जाता है तो निश्चित ही अखिलेश यादव के लिये यह किसी झटके से कम नहीं होगा।
अखिलेश पर बनाएंगे दवाब
परिवार की रार के बीच शिवपाल यादव ने कई बार कहा कि वह नये मोर्चे का गठन करेंगे, लेकिन हर बार वह डिले करते रहे। इस बीच वह अखिलेश पर दबाव बनाते रहे के मुलायम को फिर से राष्ट्रीय अध्यक्ष की कुर्सी और उन्हें भी सम्मानजनक पद दिया जाये, लेकिन अखिलेश नहीं माने। अब माना जा रहा है कि वह समाजवादी सेक्युलर मोर्चे के जरिये 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले सपा प्रमुख पर दबाव बना सकते हैं।
...तो बीजेपी को पहुंचाएंगे फायदा
सपा से निष्कासित अमर सिंह इन दिनों यूपी की सियासी गलियारों में सक्रिय हैं। चर्चा है कि वह आम चुनाव से पहले कभी भी बीजेपी में शामिल हो सकते हैं, लेकिन अमर सिंह साफ मना करते हैं। वह कहते हैं कि बीजेपी में जब जाना होगा वह डंके की चोट पर जाएंगे। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि तोड़फोड़ में माहिर अमर सिंह शिवपाल को किसी न किसी तरह से बीजेपी के लिये तैयार कर सकते हैं। इसकी कोशिश भी वह कर चुके हैं। मंगलवार को राजधानी में आयोजित प्रेसवार्ता में अमर सिंह ने कहा कि उन्होंने शिवपाल यादव की बीजेपी के बड़े नेताओं संग मीटिंग फिक्स की थी, लेकिन वह नहीं आये। माना जा रहा है कि सपा को कमजोर करने के लिये वह आगे भी प्रयास करते रहेंगे।