
लखनऊ. श्रावण मास (Sawan) में भगवान शिव सर्व सुलभ हो जाते हैं। इस बार 10 शुभ संयोगों के साथ सावन के महीने की शुरुआत होगी। इस बार सावन का महीना पूरे 30 दिनों तक रहेगा। सावन में चार सोमवार (Sawan Somwar) आएंगे। तीसरे सोमवार में त्रियोग का संयोग बनेगा। हरियाली अमावस्या (Hariyali Amawasya) पर पंच महायोग का संयोग बन रहा है। ऐसा संयोग 125 वर्षों के बाद बन रहा है। नाग पंचमी (Nagpanchmi) विशेष संयोग में मनाई जाएगी। नागपंचमी और सोमवार दोनों ही दिन भगवान शिव की आराधना के लिए श्रेष्ठ होता है। कई वर्षों के बाद 15 अगस्त और रक्षाबंधन (Rakshabandhan) श्रवण नक्षत्र के संयोग में मनाया जाएगा। एक अगस्त को पहला सिद्धि योग, दूसरा शुभ योग, तीसरा गुरु पुष्यामृत योग, चौथा सर्वार्थ सिद्धि योग और पांचवां अमृत सिद्धि योग का संयोग है।
सभी मनोकानमाएं होती हैं पूरी
राजधानी लखनऊ के मनकामेश्वर मंदिर के महंतों के मुताबिक सावन महीने (Sawan) में महादेव शिव शंकर पृथ्वी लोक पर आकर कैलाश पर्वत पर निवास करते हैं। इसलिए इस महीने भगवान शिव से जो भी कामना की जाती है, वह जल्द पूरी होती है। श्रावण मास में बारिश का भी अपना अलग महत्व है। शिव का एक नाम गंगाधर भी है। शिव जी ने अपनी जटा में गंगा जी के वेद को संभालकर और पृथ्वी पर निर्मल जल को प्रभावित किया था। जिससे प्राणि जगत गंगा माता के जल रूपी अमृत को प्राप्त कर सके। श्रावाण मास के आधिपति भगवान शिव हैं।
बुधवार को करें रुद्राभिषेक
समस्त राशि वाले जातक जिनके जीवन में संकट है। समस्याओं से घिरे हुए हैं। आर्थिक स्थिति डामाडोल है। घर में क्लेश हो रहा है तो सावन में बुधवार को रुद्राभिषेक करें, सभी कष्ट दूर होते हैं। भगवान शिव का रुद्राभिषेक करते समय ऊं सोम सोमाय नम: का जप करें। इसके साथ ही गाय को हरा चारा खिलाएं या हरा कपड़ा दान करें।
इस बार सावन में चार सोमवार
सावन सोमवार (Sawan Somwar) व्रत की शुरुआत 22 जुलाई से होगी। 29 जुलाई, पांच अगस्त और 12 अगस्त को भी सोमवार का व्रत पड़ेगा। श्रावण मास में किया गया पूजन अर्चन और अभिषेक अनंत पुण्य देने वाला होता है। इस बार रक्षाबंधन 15 अगस्त के दिन मनाया जाएगा और इसी दिन श्रावण मास (Sawan Mahina) समाप्त होगा।