राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद विवाद से जुड़े 18 पक्षकारों और पैरोकारों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है
अयोध्या. राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद विवाद से जुड़े 18 पक्षकारों और पैरोकारों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा लखनऊ में सुरक्षा रिव्यू के बाद पक्षकारों की सुरक्षा बढ़ाने का फैसला लिया गया है। रामलला के प्रधान पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास, मुस्लिम लीग के नेता डॉ. नजमुल हसन गनी, मुस्लिम मजलिस के प्रदेश अध्यक्ष नदीम, मुस्लिम पैरोकार खालिक अहमद और बादशाह खान समेत 18 लोगों की सुरक्षा बढ़ाई गई है। इन सभी को प्रशासन की ओर से गनर उपलब्ध दिया गया है। वहीं, राम जन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष महंत गोपालदास, मुस्लिम पक्षकार इकबाल अंसारी और हाजी महबूब की सुरक्षा यथावत रखी गई है। यह फैसला राम जन्मभूमि पर फैसला आने के बाद मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने सुरक्षा रिव्यू पर लिया गया।
वर्तमान में इकबाल अंसारी इकबाल अंसारी की सुरक्षा के लिए चार गनर तैनात हैं, जबकि राम जन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष महंत मंदिर गोपाल दास को केंद्र सरकार द्वारा वाई श्रेणी की सुरक्षा प्राप्त है। इसके अलावा प्रदेश सरकार के गनर भी उनकी सुरक्षा में लगे हैं। मणिराम दास छावनी के उत्तराधिकारी महंत कमल नयन दास को भी सुरक्षा मुहैया कराई गई है। डीएसपी अरविंद चौरसिया ने बताया कि शासन के आदेश पर अयोध्या जिला प्रशासन ने 18 लोगों की सुरक्षा बढ़ा दी है।