Wasim Rizvi ने कोरोना महामारी खत्म होने के बाद CAA-NRC लागू करने की मांग की है।
लखनऊ. शिया वक्फ बोर्ड (Shia Waqf Board) के पूर्व चेयरमैन वसीम रिजवी (Wasim Rizvi) ने कोरोना महामारी के खत्म होते ही देश में सीएए (CAA) और एनआरसी (NRC) लगाने की मांग की है। रिजवी ने कहा कि बंगाल चुनाव के नतीजों में देखा गया है कि बांग्लादेशी घुसपैठियों ने हिंदुत्व के खिलाफ एकजुट होकर ममता बनर्जी को वोट दिया। यह हिंदुस्तान के लिए अच्छे संकेत नहीं हैं। बंगाल का चुनाव इस बात का उदाहरण है कि देश में सीएए-एनआरसी लगाने का वक्त आ गया है।
अच्छे संकेत नहीं
वसीम रिजवी ने कहा कि हिंदुस्तान में जहां-जहां घुसपैठिए हैं, वो एक मकसद के जरिये यहां आए हैं। बंगाल के चुनाव में बीजेपी और हिंदुत्व के खिलाफ एकजुट होकर ममता बनर्जी को वोट दिया गया। बंगाल में सबसे ज्यादा बांग्लादेश के मुसलमान घुसपैठ किए बैठे हैं। बंगाल के चुनाव में जहां भी मुस्लिम निर्णायक वोट था, वह सभी सीटें ममता बनर्जी के खाते में गई हैं। वसीम रिजवी का कहना है कि ये मुसलमान किसी के वोट बैंक नहीं हैं, किसी सियासी पार्टी के साथ नहीं हैं। वो हिंदुत्व और बीजेपी के दुश्मन हैं और उसी को वोट देते हैं जो बीजेपी को हरा रही हो। रिजवी ने इसे हिंदुस्तान की बर्बादी का संकेत दिया है।
छोटे मरदसे बंद करने की मांग
पूर्व चेयरमैन ने देश भर में छोटे मदरसों को बंद करने की भी मांग की है। रिजवी का कहना है कि जो मदरसा में पढ़ना चाहते हैं वो कक्षा 10 के बाद ही दाखिला लें। बाकी छोटे मदरसे बंद होने चाहिए। बता दें कि इससे पहले वसीम रिजवी ने कुरान की 26 आयतों को बैन करने की मांग की थी। उन्होंने कहा था कि कुरान की 26 आयतें जो कहीं न कहीं मतभेद पैदा कर रही हैं, आतंकी तालीम दे रही हैं और जिनकी आज कोई जरुरत नहीं है उनका प्रचार प्रसार मस्जिदों से बैन किया जाना चाहिए।