समाजवादी पार्टी के संरक्षक मुलायम सिंह यादव के 81वें जन्मदिन पर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव व प्रसपा लोहिया के मुखिया शिवपाल सिंह यादव एक साथ नहीं आए।
लखनऊ। समाजवादी पार्टी के संरक्षक मुलायम सिंह यादव के 81वें जन्मदिन पर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव व प्रसपा लोहिया के मुखिया शिवपाल सिंह यादव एक साथ नहीं आए। लखनऊ में हुए भव्य आयोजन ने मुलायम सिंह यादव का जन्म दिन मनाया गया। इस दौरान उनके पुत्र अखिलेश यादव समेत कई प्रमुख नेता शामिल हुए। तो वहीं इटावा में शिवपाल सिंह यादव द्वारा किया गया आयोजन नेताजी के बगैर सूना सा दिखा। शिवपाल ने इटावा के सैफई में नेताजी के जन्मदिन पर खास आयोजन किया था और उम्मीद जताई थी कि पूरा परिवार एक साथ दिखेगा, इसके एकता दिवस के रूप में वह मनाने वाले थे, परिवार का एक भी सदस्य सैफई के कार्यक्र में शामिल नहीं हुआ। ऐसे में शिवपाल यादव ने इटावा में नेताजी की गौरमौजूदगी में अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं के साथ उनका जन्मदिन मनाया। इस दौरान उनका दर्द भी छलका।
किसी भी तरह का समर्पण को तैयार-
शिवपाल यादव नेता जी ने जन्मदिन पर आयोजित सैफई के मास्टर चंदगीराम स्टेडियम मे एक समारोह को संबोधित किया। प्ररगतिशील समाजवादी पार्टी लोहिया के अध्यक्ष ने कहा कि परिवार की एकता कायम रहे इसके लिए वो अपनी तरफ से किसी भी तरह का समर्पण करने के लिए तैयार है । नेता जी के जन्मदिन पर जुटे लोगों का आवाहन करते हुए उन्हेांने कहा कि आप लोग चाहो तो वो राजनीति में कार्यकर्ता बनने के लिए तैयार है, लेकिन हर हाल में नेताजी की विचारधारा अपनानी होगी।
उनकी यह भूल समझो या गलती- शिवपाल
इटावा के सैफई में आयोजित कार्यक्रम में शिवपाल का दर्द छलका और इस दौरान रामगोपाल यादव पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि नेताजी प्रधानमंत्री बन जाते, लेकिन उनकी यह भूल समझो या गलती। एक कहावत है अगर आप बिजनेस कर रहे हो और मुनीम को मालिक बना देंगे तो भट्टा बैठेगा ही। कुछ ऐसा ही नेताजी ने भी किया। रक्षा मंत्री बने, तीन बार मुख्यमंत्री बने, इसमें दो बार हमारा बहुत बड़ा योगदान रहा। उन्होंने कहा कि कभी-कभी तो अपने लोग भी धोखा देते हैं, लेकिन कभी हिम्मत नहीं हारना चाहिए।