Shot First, Then Dismembered Body: लखनऊ में दिल दहला देने वाली घटना में 19 वर्षीय बेटे ने शराब कारोबारी पिता की गोली मारकर हत्या कर दी। बाद में शव के टुकड़े कर ड्रम में छिपा दिया, जिससे इलाके में सनसनी फैल गई।
Ashiyana Murder Case Lucknow: राजधानी लखनऊ के आशियाना थाना क्षेत्र स्थित सेक्टर-एल में सामने आई एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है। एक शराब कारोबारी की उसके ही बेटे द्वारा निर्मम हत्या किए जाने और शव को टुकड़ों में काटकर ड्रम में छिपाने की वारदात ने रिश्तों, पारिवारिक तनाव और मानसिक दबाव पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पुलिस के अनुसार, शराब कारोबारी मानवेंद्र सिंह (45) की हत्या उनके बेटे अक्षय प्रताप सिंह (20) ने लाइसेंसी रायफल से गोली मारकर की। हत्या के बाद आरोपी ने शव के टुकड़े कर दिए और शरीर के ऊपरी हिस्से को घर में रखे एक बड़े ड्रम में छिपा दिया। पुलिस ने आरोपी बेटे को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
घटना का खुलासा तब हुआ जब सोमवार सुबह आरोपी अक्षय प्रताप सिंह खुद आशियाना कोतवाली पहुंचा और पिता की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। उसने पुलिस को बताया कि उसके पिता 20 फरवरी की सुबह दिल्ली जाने के लिए घर से निकले थे और वापस नहीं लौटे।
अक्षय ने यह भी कहा कि पिता के मोबाइल फोन बंद हैं और किसी अनहोनी की आशंका है। शुरुआत में मामला सामान्य गुमशुदगी का लगा, लेकिन पुलिस को कुछ बातें संदिग्ध लगीं। उधर, घर लौटने के बाद अक्षय ने अपने पिता के मित्र सोनू गुप्ता को बताया कि मानवेंद्र सिंह ने आत्महत्या कर ली है। इसी विरोधाभासी बयान ने पूरे मामले को संदिग्ध बना दिया।
पुलिस और पड़ोसियों ने जब अक्षय से कड़ाई से पूछताछ की तो वह टूट गया। पूछताछ में उसने कबूल किया कि 20 फरवरी की शाम करीब 4:30 बजे पिता से विवाद हुआ था। विवाद बढ़ने पर उसने घर में मौजूद लाइसेंसी रायफल से गोली मार दी। गोली लगते ही मानवेंद्र सिंह की मौके पर ही मौत हो गई।
हत्या के बाद आरोपी ने जो किया, उसने पुलिस अधिकारियों को भी स्तब्ध कर दिया। पुलिस जांच के अनुसार,शव को छिपाने के लिए आरोपी ने शरीर के टुकड़े किए। हाथ-पैर काटकर अलग कर दिए। शरीर के ऊपरी हिस्से को प्लास्टिक ड्रम में रखा। घर में मिले एसिड से शव नष्ट करने की तैयारी की जा रही थी। तीसरी मंजिल पर रखे ड्रम से शव का ऊपरी हिस्सा बरामद हुआ, जबकि हाथ-पैर की तलाश जारी है। घर से 20 लीटर का एसिड भरा गैलन भी मिला है, जिससे अंदेशा है कि आरोपी सबूत मिटाने की योजना बना रहा था।
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ने अपनी 17 वर्षीय छोटी बहन कृति को धमकी दी थी कि वह घटना के बारे में किसी को न बताए। डर के कारण लड़की कई दिनों तक चुप रही। पुलिस अब बहन का बयान दर्ज कर रही है।
मृतक मानवेंद्र सिंह मूल रूप से जालौन जिले के उदयपुरा गांव के रहने वाले थे। लखनऊ के आशियाना सेक्टर-एल स्थित तीन मंजिला मकान में परिवार के साथ रहते थे। उनका शहर में अच्छा व्यवसाय था,आशियाना और कानपुर रोड बाराबिरवा चौराहे पर शराब की दुकान। सालेहनगर और बुद्धेश्वर में पैथोलॉजी सेंटर। पत्नी की मृत्यु वर्ष 2017 में हो चुकी थी।
डीसीपी सेंट्रल विक्रांत वीर सिंह के अनुसार प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि पिता बेटे पर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और करियर को लेकर दबाव बना रहे थे। इसी बात को लेकर दोनों के बीच अक्सर विवाद होता था। 20 फरवरी को भी कहासुनी बढ़ी और गुस्से में आकर बेटे ने गोली चला दी। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि घटना पूर्व नियोजित थी या अचानक हुए विवाद का परिणाम।
घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे,डीसीपी सेंट्रल,एसीपी कैंट,आशियाना थाना पुलिस और फोरेंसिक टीम के माध्यम से घर को सील कर साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। पुलिस आसपास के सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन और हथियार की फॉरेंसिक जांच कर रही है। आरोपी के दादा, रिटायर्ड पुलिस इंस्पेक्टर एस.पी. सिंह से भी पूछताछ की जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह घटना केवल हत्या नहीं बल्कि पारिवारिक संवाद की विफलता का भी उदाहरण हो सकती है। आज के समय में करियर दबाव, अकेलापन और मानसिक तनाव युवाओं में गंभीर रूप ले रहे हैं। मां की मृत्यु के बाद परिवार की भावनात्मक संरचना कमजोर पड़ने की संभावना भी जांच का विषय बनी हुई है।
आशियाना का सेक्टर-एल क्षेत्र शहर का पॉश इलाका माना जाता है। शांत माने जाने वाले इस इलाके में हुई इस वारदात से स्थानीय लोग स्तब्ध हैं। पड़ोसियों का कहना है कि परिवार सामान्य और संपन्न माना जाता था। किसी ने कल्पना भी नहीं की थी कि घर के अंदर इतनी भयावह घटना हो सकती है।
पुलिस ने आरोपी अक्षय प्रताप सिंह को हिरासत में लेकर हत्या, साक्ष्य नष्ट करने और आपराधिक षड्यंत्र सहित कई धाराओं में मुकदमा दर्ज करने की तैयारी शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के बाद आगे की धाराएं जोड़ी जाएंगी।
डीसीपी सेंट्रल विक्रांत वीर सिंह ने बताया कि गुमशुदगी की जांच के दौरान हत्या का खुलासा हुआ। आरोपी बेटे ने लाइसेंसी रायफल से पिता को गोली मारने की बात स्वीकार की है। शव के टुकड़े किए गए हैं। शेष अंगों की तलाश जारी है।